Nitin Nabin BJP President: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब एक भी चुनाव हल्के में लेने के मूड में नहीं है। अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठते ही उन्होंने संगठन को तुरंत चुनावी मोड में डाल दिया और देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले अहम चुनावों के लिए रणनीतिक नियुक्तियों की घोषणा कर दी। इन फैसलों से साफ है कि भाजपा की चुनावी तैयारी अब ऊपर से नीचे तक सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ेगी और हर राज्य में अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पहले दिन ही बड़े फैसले
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के पहले ही दिन नितिन नवीन ने चार बड़े चुनावी मोर्चों पर प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त कर दिए। इनमें केरल विधानसभा चुनाव, ग्रेटर बंगलूरू नगर निगम चुनाव, तेलंगाना नगर निकाय चुनाव और चंडीगढ़ मेयर चुनाव शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ये नियुक्तियां आने वाले महीनों की चुनावी रणनीति की नींव मानी जा रही हैं।
केरल विधानसभा चुनाव की कमान किसके हाथ?
केरल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में भाजपा ने अनुभव को प्राथमिकता दी है।
राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को केरल विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि पार्टी दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने जा रही है।
ग्रेटर बंगलूरू और तेलंगाना पर फोकस
शहरी राजनीति में अहम माने जाने वाले ग्रेटर बंगलूरू नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने एक मजबूत टीम बनाई है। राम माधव को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। सतीश पूनिया और संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं तेलंगाना के नगर निकाय और निगम चुनावों के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी, अशोक परनामी और रेखा शर्मा (राज्यसभा सांसद) को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर सीधी नजर
चंडीगढ़ मेयर चुनाव को भाजपा ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। इसके लिए विनोद तावड़े को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जिससे साफ है कि शीर्ष नेतृत्व इस चुनाव पर खुद नजर रखेगा।
‘मिशन मोड’ में BJP
नितिन नवीन के शुरुआती फैसलों से पार्टी के भीतर एक स्पष्ट संदेश गया है अब हर चुनाव मिशन मोड में लड़ा जाएगा। संगठन को मजबूत करना, राज्यों में समन्वय बढ़ाना और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना नए अध्यक्ष की प्राथमिकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि यह नई टीम भाजपा को आने वाले चुनावों में और ज्यादा आक्रामक व संगठित बनाएगी। नितिन नवीन की यह तेज शुरुआत साफ संकेत है कि भाजपा की चुनावी मशीनरी पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।

