होम = News Featured = 38 साल बाद भारत में बनेगा यात्री विमान, HAL और रूस की डील से UDAN को मिलेगी उड़ान

38 साल बाद भारत में बनेगा यात्री विमान, HAL और रूस की डील से UDAN को मिलेगी उड़ान

HAL Civil Aviation: देश की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने नागरिक विमानन क्षेत्र में दोबारा कदम रखने के संकेत दिए हैं। विंग्स इंडिया 2026 में HAL ने रूसी यात्री विमान सुपरजेट SJ-100 को प्रदर्शित किया है, जो इस अंतरराष्ट्रीय एयर शो का मुख्य आकर्षण बनकर उभरा है।

इस आयोजन में HAL ने अपने ध्रुव न्यू जनरेशन हेलिकॉप्टर के साथ SJ-100 को शोकेस किया। जानकारों का मानना है कि यह कदम HAL की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत कंपनी अब केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित न रहकर सिविल एविएशन में भी अपनी भूमिका मजबूत करना चाहती है। उल्लेखनीय है कि HAL ने आखिरी बार एवरो HS-748 यात्री विमान का निर्माण किया था, जिसकी उत्पादन प्रक्रिया 1988 में बंद हो गई थी। इसके बाद भारत को यात्री विमानों के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ा। अब करीब 38 साल बाद SJ-100 परियोजना के जरिए HAL फिर से पैसेंजर एयरक्राफ्ट निर्माण की दिशा में बढ़ती दिख रही है।

रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी, SJ-100 की विशेषताएं

HAL और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) के बीच 28 अक्टूबर 2025 को मॉस्को में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत SJ-100 विमान के भारत में निर्माण और असेंबली से जुड़े अधिकार HAL को दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, HAL और रूस की तकनीकी टीमें जल्द ही संयुक्त रूप से विमान से जुड़े इंजीनियरिंग और तकनीकी कार्य शुरू करेंगी। आने वाले एक से दो वर्षों में परीक्षण और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। इस परियोजना का दीर्घकालिक उद्देश्य भारत में स्वदेशी यात्री विमान निर्माण क्षमता को विकसित और मजबूत करना है।

UDAN योजना को मिल सकता है बढ़ावा

सरकार की UDAN योजना के तहत छोटे और मझोले शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में भारत को 200 से अधिक रीजनल जेट विमानों की जरूरत पड़ेगी, जिसमें SJ-100 अहम भूमिका निभा सकता है। कम लागत और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यह विमान क्षेत्रीय उड़ानों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।

आगे क्या है रोडमैप?

HAL और रूसी साझेदार मिलकर तकनीकी विकास का काम शुरू करेंगे। अगले 1 से 2 वर्षों में परीक्षण और प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। लंबे समय में लक्ष्य भारत में ही यात्री विमानों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देना है। विंग्स इंडिया 2026 में SJ-100 की मौजूदगी को भारतीय नागरिक विमानन उद्योग के लिए एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

ये भी पढ़ें: Weather Update: दिल्ली-NCR में मौसम ने बदली करवट, ठंड ने फिर दी दस्तक