Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र की राजनीति उस समय गहरे सदमे में डूब गई, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक विमान हादसे में निधन की खबर सामने आई। यह दुर्घटना बारामती के पास लैंडिंग के दौरान हुई, जिसमें विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। किसी को भी बचाया नहीं जा सका।
काल्पनिक जानकारी के अनुसार, अजित पवार एक चुनावी रैली में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके साथ विमान में उनका एक पीएसओ, एक निजी सहायक और दो क्रू मेंबर सवार थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब विमान रनवे पर उतरने की प्रक्रिया में था। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद विमान जमीन से टकराया और उसमें आग लग गई।
हादसे की जांच शुरू
दुर्घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचकर मलबे की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक अनुमान तकनीकी खराबी या मौसम से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद विमान से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग ने पूरे एयरक्राफ्ट को अपनी चपेट में ले लिया। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम
इस काल्पनिक परिदृश्य में बताया गया है कि हादसे से कुछ घंटे पहले अजित पवार मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक कैबिनेट कमेटी की बैठक में शामिल हुए थे। बैठक के बाद वह सीधे बारामती के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक बड़ी जनसभा को संबोधित करना था। उनकी अचानक मृत्यु की खबर मिलते ही यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
‘अजित दादा’ का राजनीतिक कद
अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक ताकतवर और जमीनी नेता माना जाता रहा है। उन्हें प्यार से ‘अजित दादा’ कहा जाता था। बता दें कि वह अपने लंबे राजनीतिक करियर में शायद ही कभी सत्ता से पूरी तरह बाहर रहे हों।
उन्होंने कुल चार मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया और छह बार उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। यह उन्हें राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहने वाले नेताओं में शामिल करता है।
शरद पवार परिवार को लगा बड़ा झटका
इस काल्पनिक घटना से शरद पवार परिवार को भी गहरा आघात लगा है। हाल के दिनों में अजित पवार परिवार और पार्टी में एकता बनाए रखने के प्रयास कर रहे थे। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, वह संगठन को मजबूत रखने के पक्षधर माने जाते थे।
उनके करीबी सहयोगियों का कहना है कि अजित पवार के मन में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा हमेशा रही। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों से यह बात स्वीकार भी की थी, लेकिन परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं बन सकीं।
महाराष्ट्र की राजनीति में असर
अजित पवार के अचानक चले जाने से राज्य की राजनीति में बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। काल्पनिक तौर पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी शोक संदेश जारी कर उन्हें एक प्रभावशाली और कर्मठ नेता बताया है।
ये भी पढ़ें: डिप्टी CM अजित पवार से लेकर संजय गांधी तक… प्लेन हादसों में खोए गए ये राजनीतिक दिग्गज

