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Bakrid 2026: खुले में कुर्बानी पर रोक, सड़कों पर नहीं पढ़ी गई नमाज, यूपी में दिखी कड़ी निगरानी

by | May 28, 2026 | News Big

उत्तर प्रदेश में इस बार बकरीद का त्योहार प्रशासनिक सतर्कता और सरकारी गाइडलाइन के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी और खुले स्थानों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से जारी इन निर्देशों का असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दिया। पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी, जबकि धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत की गई थी। राज्य के कई जिलों में त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आया। अधिकारियों ने दावा किया कि अधिकतर स्थानों पर लोगों ने गाइडलाइन का पालन किया और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

क्या थीं योगी सरकार की मुख्य गाइडलाइन

बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे ताकि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं: सरकार ने कहा था कि नमाज केवल निर्धारित मस्जिदों और ईदगाहों में ही पढ़ी जाए। सार्वजनिक सड़क, चौराहे या खुले ट्रैफिक क्षेत्रों में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई।
खुले में कुर्बानी पर रोक: प्रशासन ने साफ किया कि सार्वजनिक स्थानों, गलियों और खुले क्षेत्रों में कुर्बानी नहीं की जाएगी। इसके लिए निर्धारित स्थानों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी: अफवाह और भड़काऊ पोस्ट रोकने के लिए पुलिस की साइबर टीम लगातार सोशल मीडिया पर नजर बनाए रही।
सफाई व्यवस्था पर जोर: नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को त्योहार के दौरान साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे ताकि किसी तरह की समस्या न हो।

प्रशासन ने कैसे संभाली भीड़

त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही विशेष योजना तैयार की थी।

ट्रैफिक डायवर्जन: भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक रूट बनाए गए।

अतिरिक्त पुलिस बल: कई जिलों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।

मजिस्ट्रेट तैनात: संवेदनशील क्षेत्रों में मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए।

धार्मिक संगठनों की क्या रही भूमिका

कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों ने भी लोगों से प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की।
मस्जिदों से यह संदेश दिया गया कि शांति बनाए रखें, सार्वजनिक नियमों का पालन करें, अफवाहों से बचें इसका असर यह हुआ कि अधिकतर स्थानों पर लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया।

खुले में कुर्बानी को लेकर सरकार इतनी सख्त क्यों

सरकार का कहना था कि खुले स्थानों पर कुर्बानी से सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, विवाद की स्थिति बन सकती है, सार्वजनिक असुविधा बढ़ती है, इसी वजह से प्रशासन ने निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति दी।

यूपी सरकार का बड़ा संदेश

योगी सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कानून सभी के लिए समान है, धार्मिक आयोजन नियमों के दायरे में होने चाहिए सार्वजनिक व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत त्योहारों के दौरान प्रशासनिक सख्ती दिखाई दे रही है।

उत्तर प्रदेश में इस बार बकरीद का त्योहार प्रशासनिक गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सड़कों पर नमाज न होने और खुले में कुर्बानी पर नियंत्रण को लेकर सरकार पहले से ही सख्त नजर आई। पुलिस, प्रशासन और धार्मिक संगठनों के सहयोग से अधिकांश जगहों पर त्योहार बिना किसी बड़े विवाद के मनाया गया। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि अब बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, ट्रैफिक और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सरकारें पहले से ज्यादा सतर्क हो चुकी हैं।

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