होम = News Big = अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर पर मीटिंग में नहीं निकला हल, अमेरिकियों को तुरंत ईरान छोडने का अलर्ट हुआ जारी

अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर पर मीटिंग में नहीं निकला हल, अमेरिकियों को तुरंत ईरान छोडने का अलर्ट हुआ जारी

US Iran Nuclear Talks: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में न्यूक्लियर को लेकर हुई मीटिंग में कोई समाधान नहीं निकला है। ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी प्रशासन ने तेहरान समेत अन्य शहरों में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में ईरान के शहरों में सड़कों को बंद करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इंटरनेट सुविधा में रुकावटों का जिक्र किया है और साथ ईरान से तुरंत निकालने की बात कही है। वहीं, ईरानी की सरकार ने अपनी उड़ानों को सीमित कर दिया है।

अमेरिकी नागरिक इन रास्तों से छोड़े ईरान

अमेरिका प्रशासन ने ईरान में अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे संपर्क के दूसरे तरीकों पर विचार करें और अगर सुरक्षित हो, तो आर्मीनिया या तुर्की के रास्ते ईरान छोड़ने की सोचें। ईरान में कट्टरपंथी सरकार मोबाइल, लैंडलाइन और नेशनल इंटरनेट नेटवर्क तक पहुंच को लगातार सीमित कर रही है। एयरलाइंस ईरान आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या कैंसिल कर रही हैं।”

ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर लिखा, “ईरान खुली आंखों के साथ और बीते एक साल की यादों को ध्यान में रखते हुए बातचीत करने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “हम पूरी ईमानदारी से बातचीत कर रहे हैं और अपने अधिकारों पर मजबूती से खड़े रहेंगे।” ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि किसी भी समझौते के लिए वादों को निभाना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘बराबरी का दर्जा, आपसी सम्मान और आपसी हित कोई दिखावटी बातें नहीं हैं, बल्कि ये एक टिकाऊ समझौते की बुनियाद और जरूरी शर्तें हैं।’

ये भी पढ़ें: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने दी ट्रंप को चेतावनी, कहा- युद्ध शुरू किया तो इस बार क्षेत्रीय युद्ध होगा

इस्तांबुल की जगह ओमान को मीटिंग के लिए चुना गया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने X पर बताया है कि वार्ताएं शुक्रवार को मस्कट में होंगी। उन्होंने ओमान के भाइयों को व्यवस्था के लिए धन्यवाद दिया। अमेरिकी टीम में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति के दामाद जारेड कुशनेर शामिल होंगे। ओमान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, क्योंकि ईरान ने आखिरी समय पर स्थान को इस्तांबुल से बदलकर ओमान करने की मांग की थी और द्विपक्षीय फॉर्मेट पर जोर दिया था।

ये भी पढ़ें: America vs Iran Army: अमेरिका और ईरान में कौन है सब से ज्यादा ताकतवर? जानें किसकी आर्मी में कितना है दम

बंगाल