भारत में नवनियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जिया गोर ने शुक्रवार को कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से तेल के स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास में है। उनका यह बयान भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते के बाद आया, जिसमें यह संकेत दिया गया है कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करेगा।
विविध ऊर्जा स्रोतों की तलाश
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजदूत ने बताया कि भारत वर्तमान में अपने ऊर्जा विकल्पों में विविधता लाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने वेनेजुएला के साथ तेल आपूर्ति के संबंध में बातचीत शुरू की है, ताकि भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति में विकल्प बढ़ाए जा सकें और किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम हो।
राजदूत के अनुसार, यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में कीमत और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव से निपटने की रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना था कि विविध स्रोतों से तेल खरीदने से भारत को भू-राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अधिक लचीलापन मिलेगा।
भारत-यूएस डील पर जल्द होंगे हस्ताक्षर
अमेरिकी राजदूत के बयान के साथ ही अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक और ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस समझौते के अंतर्गत व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि समझौते के जरिए भारत और अमेरिका आपसी हितों को बढ़ावा देंगे और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता लाने में भी योगदान करेंगे।
वैश्विक ऊर्जा पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद घटाने और वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने के कदम का वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है। वेनेजुएला और अन्य तेल उत्पादक देशों के साथ भारत के समझौते से दोनों पक्षों के आर्थिक हित मजबूत होंगे और वैश्विक ऊर्जा व्यापार में विविधता आएगी। राजदूत सर्जियो गोर ने यह भी जोर दिया कि अमेरिका भारत के ऊर्जा प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच सहयोग को रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखा जा सकता है।

