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किसान आंदोलन के जरिए बटोरी सुर्खियां…चार राज्यों के रहे राज्यपाल, जानें कौन थे सत्यपाल मलिक?

by | Aug 5, 2025 | देश

Satyapal Malik News : जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को 79 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। मलिक को 11 मई को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह डायलिसिस पर थे। वह किडनी संबंधी समस्या का इलाज करा रहे थे। जहां मंगलवार दोपहर 1:10 बजे उनका निधन हो गया ।

सत्यपाल मलिक कौन थे?

सत्यपाल मलिक एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे,जिन्होंने अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर राज्य के अंतिम राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान, अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया और 5 अगस्त 2019 को जम्मू और कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा रद्द कर दिया गया। बाद में उन्हें गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया और तत्पश्चात उन्होंने अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।

समाजवादी विचारधारा से प्रेरित राजनीति

डॉ. राम मनोहर लोहिया की समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर मलिक ने 1965-66 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे छात्र नेतृत्व में तेज़ी से आगे बढ़े और मेरठ कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष और बाद में मेरठ विश्वविद्यालय,जिसे अब चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है,के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे।

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राज्यसभा से लोकसभा तक का सफर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से आने वाले वे पहली बार चौधरी चरण सिंह की भारतीय क्रांति दल के टिकट पर चुने गए थे। 1980 में चरण सिंह के नेतृत्व वाले लोकदल ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया। लेकिन 1984 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसने उन्हें 1986 में राज्यसभा भेजा।  सत्यपाल मलिक न सिर्फ राज्यसभा बल्कि लोकसभा के भी सदस्य थे. पहली बार जनता दल के टिकट पर वह अलीगढ़ से 9वीं लोकसभा के लिए 1989-1991  सांसद चुने गए थे. इसके बाद सन् 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े लेकिन चौथे नंबर पर आए और 40 हजार 789 मतों से चुनाव हार गए.

राजनीति में सभी राजनीतिक दलों का साथ

सत्यपाल मलिक की राजनीति किसी एक दल तक सीमित नहीं रही. भारतीय क्रांति दल से राजनीति की शुरुआत करने वाले सत्यपाल मलिक वर्ष 2012 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए. अपने  सियासी करियर में मलिक  बीजेपी के अलावा, भारतीय क्रांति दल, जनता दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, लोकदल और सपा में भी रहे.

चार राज्यों के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक सबसे पहले  सितंबर 2017 से अगस्त 2018 तक बिहार के राज्यपाल रहे. फिर 21 मार्च 2018 से 28 अगस्त 2018 तक ओडिशा के प्रभारी राज्यपाल और उसके बाद 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल रहें. इसके बाद जब जम्मू और कश्मीर से 370 हटा दिया गया तो फिर  3 नवंबर 2019 से 18 अगस्त 2020 तक गोवा और अंत में 18 अगस्त 2020 से 3 अक्टूबर 2022 तक मेघालय के राज्यपाल रहें .