Viksit Bharat 2047 Conclave : आज यानी 3 दिसंबर को दिल्ली के न्यू महाराष्ट्र सदन में News India 24×7 द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत @2047’ कॉन्क्लेव एक ऐतिहासिक मंच बना हुआ है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यूज़ इंडिया 24×7 के एडिटर-इन-चीफ Arvind Chaturvedi के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री ने अपने जीवन संघर्ष, प्रेरणाओं और निजी अनुभवों को बेहद सरल और भावनात्मक अंदाज में साझा किया।
एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरणा
अर्जुन राम मेघवाल ने अपने संबोधन में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की किताब ‘The Turning Point’ का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे इस किताब ने और जीवन में आने वाले संघर्षों ने उन्हें दिशा दी और आगे बढ़ने की ताकत दी।
लिखी किताब — “एक सफर हमसफर के साथ”
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक किताब लिखी है-“एक सफर हमसफर के साथ”,
जिसमें लेखक वे खुद हैं और विषय उनकी पत्नी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी उनके जीवन का सबसे बड़ा Turning Point हैं और वे कई वर्षों से हर कदम पर उनका साथ दे रही हैं।
2 रुपये की जरूरत और पत्नी का त्याग
अपने संघर्षों को याद करते हुए कानून मंत्री ने एक भावुक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया-“जब मैं 11वीं कक्षा में था, तब मुझे सिर्फ 2 रुपये की जरूरत पड़ी थी। उस समय मेरी पत्नी ने आगे बढ़कर कहा— मैं कुछ काम करूँगी।” उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी ने मोतियों से सजाया हुआ तूरंगद्वार (शुभ द्वार) बनाया और उसे सुबह बाज़ार भेजकर बिकवाया।वापस आकर पत्नी ने उन्हें 2 रुपये दिए- और यह पल आज भी उनकी यादों में ताजा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी पत्नी ने यही तूरंगद्वार प्रधानमंत्री को भी भेंट किया है।
विपक्ष पर बयान – “विपक्ष Divider है”
कार्यक्रम के दौरान SIR वाले मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उनका कहना था कि “विपक्ष Divider की भूमिका में है और ऐसी शर्तें लाता है जिन पर काम करना संभव नहीं होता।”

