US-INDIA Trade Deal: अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार संबंधों को लेकर टैरिफ में राहत दी है। यह खबर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद आई है। अब भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत हो गया है, जिसे अगले कुछ दिनों में औपचारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया जाएगा। बता दें कि भारत जैसी प्रतिस्पर्धी निर्यात अर्थव्यवस्था के लिए अमेरिका द्वारा लागू किए गए सबसे कम टैरिफ में से एक है। यानी अमेरिका में भारतीय सामान खासकर फुटवियर, गारमेंट्स और लैदर से जुड़े उत्पाद सस्ते दामों में मिलेंगे। इससे वहां भारतीय उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी।
भारत के पड़ोसी देशों से अमेरिका कितना टैरिफ वसूलता है
अमेरिका द्वारा टैरिफ में राहत देने के बाद भारत की स्थिति मजबूत हो जाएगी। इससे पहले भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ था जबकि उसके पड़ोसी देश चीन पर 34%, बांग्लादेश पर 20%, वियतनाम पर 20% और इंडोनेशिया पर 19% टैरिफ है। अमेरिका के इस कदम से भारत में गारमेंट, लेदर और फुटवियर बनाने वाली कंपनियों बंपर फायदा मिलेगा। फिलहाल, इस सेक्टर की कंपनियां ने अभी समर सीजन के लिए कंटेनर भेजे हैं। टैरिफ कम होने के बाद से अमेरिका में भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे और लोगों के बीच इन उत्पादों की मांग बढ़ेगी। जो चीन और बांग्लादेश की प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मुकाबले भारतीय कंपनियों को फायदा पहुंचाएगा।
साउथ एशिया में अमेरिका के लिए भारत बना अहम
कुल टैरिफ 18 प्रतिशत किए जाने के बाद इसे साउथ एशिया में अमेरिका के लिए भारत अहम साझेदार के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत टैरिफ है। इसका कारण उसकी अमेरिका के प्रति झुकी हुई नीति मानी जा रही है। क्योंकि हमने कई बार देखा था कि पाकिस्तानी नेतृत्व ने कई मौकों पर डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की थी।
इन देशों देशों पर है सबसे कम टैरिफ
अमेरिका ने यूनाइडेट किंगडम पर 10 फीसदी, यूरोपियन यूनियन पर 15 फीसदी, स्विट्जरलैंड पर 15 फीसदी, जापान पर 15% और दक्षिण कोरिया पर 15% टैरिफ लगाया हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के पहले तक भारत पर अमेरिका का टैरिफ डबल डिजिट में भी नहीं पहुंचा था। उस वक्त भारत 15.6% का सिंपल अप्लाइड रेट और 8.2% का इफेक्टिव अप्लाइड टैरिफ लगाता था।
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