Dead Economy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर भारत और रूस की आर्थिक तंत्र को “डेड इकॉनमी” कहा, यानी मानो ये आर्थिक तंत्र बिल्कुल थमी हैं। लेकिन घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट्स इस बयान को पूरी तरह गलत और भ्रामक मान रही हैं। भारत सरकार, विरोधी दल और अर्थशास्त्री सब मिलकर बता रहे हैं कि हमारा देश तेजी से बढ़ रहा है और यह कोई “मृत” स्थिति नहीं है।
भारत: दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था
भारत की अर्थव्यवस्था आज बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बताया कि कुछ साल पहले भारत कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। आने वाले कुछ सालों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे IMF ने भी कहा है कि ट्रंप का भारत को “डेड इकॉनमी” कहना गलत और बिना जानकारी वाला बयान है।
घर में प्रतिक्रिया: राजनीतिक प्रतिक्रिया कैसी रही?
राहुल गांधी ने ट्रंप के बयान की नकल करते हुए कहा कि भारत एक “मृत अर्थव्यवस्था” बनता जा रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों जैसे GST, नोटबंदी और MSMEs के संकट को इसका जिम्मेदार बताया लेकिन कांग्रेस के अन्य नेता राजीव शुक्ला और शशि थरूर ने राहुल की आलोचना की। थरूर ने कहा कि ट्रंप का बयान पूरी तरह बेबुनियाद है और यह सिर्फ बातचीत में एक कुशल राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है, असली सच नहीं । पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने ट्रम्प को “भावनात्मक और अनियंत्रित” बताया।
व्यापार और वैश्विक असर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ यानी टैक्स लगाने की बात कही है। इससे भारत से अमेरिका जाने वाले करीब 40 अरब डॉलर (लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये) के सामान पर असर पड़ सकता है। इस खबर के बाद भारत का शेयर बाजार थोड़ा गिर गया और रुपये की कीमत भी कमजोर हो गई, हालांकि बाद में स्थिति कुछ सुधरी।
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