50% tarrif on India: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में आयात होने वाले भारतीय सामान पर 50% तक टैरिफ बढ़ाया, जो दो कदम में लागू किया जा रहा है: पहले 25% जुलाई में, फिर अतिरिक्त 25% अगस्त में कुल मिलाकर 50% टैक्स। वजह यह बताई गई कि भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा, जिससे रूस को आर्थिक रूप से फायदा मिला और युद्ध को धनराशि मिली।
ट्रंप ने चेतावनी दी – सेकेंडरी सजाएं भी आ सकती हैं
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह तो शुरुआत है यदि भारत अपनी तेल नीति नहीं बदलेगा, तो “बहुत सारी सेकेंडरी सैंक्शन्स” लगाई जाएगी, जिससे केवल भारत नहीं, कई देशों की मुश्किल बढ़ेगी।
भारत ने क्या कहा? – सीधा जवाब, ‘अन्यायपूर्ण और गलत’
भारत सरकार ने जोर देकर कहा कि यह फैसला “अन्यायपूर्ण, असंगत और बिना वजह” है। भारत ने बचाव किया कि यह कदम 1.4 अरब देशवासियों के ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया था, न कि राजनीतिक कारणों से।
क्या इसका असर पड़ेगा? — हाँ, बड़ा असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस टैरिफ से कपड़ा, ज्वेलरी, फरोशगारी और तकनीकी सामानों पर बढ़ा हुआ टैक्स लगेगा। कुछ अनुमानों के अनुसार, यह भारत की GDP को थोड़ी प्रभावित कर सकता है। लेकिन बड़ी कंपनी जैसे Apple, Google, Tesla आदि भारत में बने रहने की योजना बनाए हुए हैं। यह अमेरिका और भारत के बीच व्यापार संबंधों में एक बड़ा मोड़ हो सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चेतावनी दी है कि अगर वह दोबारा सत्ता में आते हैं तो भारत समेत कई देशों पर 50% तक टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रंप का कहना है कि भारत जैसे देश “Make in America” नीति के लिए खतरा हैं क्योंकि वे सस्ते दामों पर अमेरिका में सामान भेजते हैं।
यह भी पढ़ें: “वो नाम नहीं एक आंदोलन है”, सिद्धू मूसेवाला की मूर्ति पर फायरिंग से छलका मां का दर्द

