Tamil Nadu CM News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक (DMK) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को ‘भाषा शहीद दिवस’ हिंदी भाषा पर फिर बयान दिया। उन्होंने केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देते हुए दोहराया कि राज्य में हिंदी थोपे जाने के लिए कोई जगह नहीं है। स्टालिन ने 1960 के दशक के हिंदी-विरोधी आंदोलन के बलिदानियों को याद करते हुए कहा कि तमिलनाडु अपनी भाषाई पहचान की रक्षा के लिए हमेशा अडिग रहेगा।
“न तब जगह थी, न अब है, न कभी होगी”
सीएम स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “भाषा शहीद दिवस के अवसर पर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि तमिलनाडु में हिंदी के लिए न तब कोई जगह थी, न अब है और न कभी होगी।” उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें 1965 के ऐतिहासिक हिंदी-विरोधी आंदोलन के संघर्ष को दिखाया गया है। इस वीडियो में द्रमुक के दिग्गज नेताओं सी. एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
NEP 2020 और हिंदी थोपने का विरोध
द्रमुक सरकार लगातार केंद्र की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का विरोध कर रही है। स्टालिन और उनकी पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार इस नीति के माध्यम से पिछले दरवाजे से हिंदी को गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर थोपने की कोशिश कर रही है। सीएम ने स्पष्ट किया, “हम अपनी भाषा से अपने जीवन की तरह प्रेम करते हैं और जब-जब इसे दबाने की कोशिश होगी, विरोध उतना ही तीव्र होगा।”
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