Rahul Gandhi : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नाम से दायर उस आवेदन में नया मोड़ आ गया है, जिसमें उनकी जान को गंभीर खतरे की बात कही गई थी. यह आवेदन सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा एक मानहानि मामले के दौरान पेश किया गया था. कांग्रेस पार्टी ने इस आवेदन पर सफाई देते हुए बताया कि यह आवेदन बिना राहुल गांधी की अनुमति के उनके वकील द्वारा दायर किया गया था.
कांग्रेस ने दी सफाई
आवेदन में दावा किया गया था कि सावरकर पर की गई टिप्पणियों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण राहुल गांधी की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है. इसके साथ ही महात्मा गांधी की हत्या का संदर्भ भी दिया गया था और यह कहा गया था कि इतिहास को फिर से दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. आवेदन में बीजेपी नेताओं रवीनीत सिंह बिट्टू और तरविंदर सिंह मारवाह से कथित धमकियों का भी उल्लेख था.
राहुल गांधी जी के वकील ने बिना उनसे बात किए या उनकी सहमति लिए अदालत में लिखित बयान दाखिल करके उनकी जान पर खतरे का हवाला दिया था.
इस बात से राहुल जी की घोर असहमति है.
इसलिए कल उनके वकील इस लिखित बयान को कोर्ट से वापस लेंगे.
यह रहा उनका वक्तव्य👇 pic.twitter.com/guKU97ldrL
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) August 13, 2025
कांग्रेस की मीडिया सेल की प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत ने मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि यह आवेदन राहुल गांधी के वकील द्वारा बिना उनकी सहमति के दायर किया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को इस बात से घोर असहमति है. वकील इस आवेदन को अगले दिन अदालत से वापस लेंगे.
वकील ने स्वीकार की गलती
राहुल गांधी के वकील, एडवोकेट मिलिंद डी. पवार ने भी एक प्रेस रिलीज जारी कर स्वीकार किया कि यह आवेदन 13 अगस्त 2025 को उनके द्वारा बिना राहुल गांधी से परामर्श किए और उनकी सहमति के दाखिल किया गया था. पवार ने कहा, “राहुल गांधी ने इस आवेदन की सामग्री पर असहमति जताई है और इसे वापस लेने का निर्देश दिया है. हम अदालत में औपचारिक आवेदन देकर इसे वापस लेंगे.

