PM Alleged Insult In Congress Rally: दिल्ली में संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह की कार्यवाही सोमवार यानि आज हंगामे के बीच शुरू हुई। लोकसभा में पूर्व सांसदों के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद सदन में PM मोदी के कथित अपमान का मुद्दा गर्म हो गया। राज्यसभा में भी इसे लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला।
कांग्रेस रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे
राज्यसभा के नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए नारों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस रैली में ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज नहीं तो कल खुदेगी’ जैसे नारे लगे। यह केवल राजनीतिक असहमति नहीं, बल्कि राष्ट्र की भावनाओं के खिलाफ है। ऐसे नारे कांग्रेस पार्टी की मानसिकता और सोच को दर्शाते हैं।” नड्डा ने आगे कहा कि यह प्रधानमंत्री के खिलाफ मृत्यु की कामना करना है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए।
किरण रिजिजू का समर्थन
लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने भी इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 में BJP सांसद द्वारा विरोधियों के लिए गलत शब्दों के इस्तेमाल पर प्रधानमंत्री ने माफी लेने की मांग की थी, और BJP नेता ने माफी मांगी थी। वहीं, कांग्रेस की हालिया रैली में पीएम मोदी के लिए कब्र खोदने की बातें कही गईं, जिससे राजनीति का स्तर गिरा। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए।
BJP नेताओं की माफी की मांग
सदन में मौजूद अन्य BJP नेता भी नड्डा और रिजिजू के समर्थन में बोलते दिखे। अर्जुन राम मेघवाल, मनसुख मांडविया समेत कई सांसदों ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की। जेपी नड्डा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने राजनीति का स्तर गिराकर देशभर में शर्मिंदगी फैलाई है। उन्होंने दोहराया कि नेता प्रतिपक्ष सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।
हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही उपसभापति हरिवंश द्वारा दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। संसद में इस घटनाक्रम ने राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया कांग्रेस पर जोरदार दबाव डालने की मंशा को स्पष्ट करती है।

