Shubhanshu Shukla : अंतरिक्ष यात्री और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफल मिशन के बाद गुरुवार को दिल्ली में अपने अनुभव को साझा किया। इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन के साथ एक संयुक्त पीसी में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभवों के बारे में जानकारी दी।
असल उड़ान भरी वो एक्सपीरियंस अलग ही
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान शुभांशु शुक्ला ने कहा कि यह पूरे देश का मिशन था। यह अनुभव ज़मीनी स्तर पर मिलने वाले अनुभवों से बहुत अलग है। उन्होंने आगे कहा कि मैं भारत सरकार, इसरो और शोधकर्ताओं का धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि कितनी भी ट्रेनिंग कर लें लेकिन जब असल उड़ान भरी वो एक्सपीरियंस अलग ही था।
शुभांशु शुक्ला ने आगे कहा कि पिछले एक साल में मैंने जो भी जानकारी इकट्ठा की है, वह हमारे अपने मिशनों, गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उपयोगी होगी। बहुत जल्द हम अपने कैप्सूल से, अपने रॉकेट से और अपनी धरती से किसी को अंतरिक्ष में भेजेंगे। यह अनुभव जमीन पर सीखे गए अनुभव से बहुत अलग होता है। शरीर कई बदलावों से गुजरता है, अंतरिक्ष में 20 दिन बिताने के बाद शरीर गुरुत्वाकर्षण में रहने भूल जाता है।
बच्चों के सवालों का दिया जवाब
उन्होंने आगे अपने अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि बच्चे मुझसे पूछ रहे हैं कि हम कैसे एस्ट्रोनॉट बन सकते हैं। ये देख के मुझे ख़ुशी होती है। शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने कहा कि यह मिशन लोगों को साथ लेकर आया है। बच्चों के लिए एक संदेश यही कि मैंने कभी नहीं सोचा था ये कर पाऊँगा। लेकिन मैंने किया है तो आप भी कर सकते हैं। भारत आज भी अंतरिक्ष से सारे जहाँ से अच्छा लगता है।
बता दें कि इससे पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के सफल मिशन के बाद दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। इससे भी पहले उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की थी।
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