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शशि थरूर ने पेश किया मैरिटल रेप बिल, विवाह में जबरन संबंधों पर सख्त कानून की मांग

by | Dec 6, 2025 | देश

Marital Rape Bill: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया, जिसमें मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव है। उनका स्पष्ट कहना है कि भारत को अपने संवैधानिक मूल्यों पर टिके रहना चाहिए, जहां “नहीं का मतलब नहीं” और “सिर्फ हां ही सहमति है” जैसे सिद्धांत कानून में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित हों।

थरूर ने इस दिन दो और प्राइवेट मेंबर बिल भी रखे ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ और वर्किंग कंडीशंस कोड में संशोधन और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन की समीक्षा हेतु एक विशेष आयोग के गठन का प्रस्ताव।

मैरिटल रेप पर कार्रवाई

एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) में मौजूद मैरिटल रेप अपवाद न केवल पुराना है, बल्कि महिलाओं की बुनियादी स्वतंत्रता के खिलाफ भी है। उनके बिल का उद्देश्य इस अपवाद को हटाना और यह स्पष्ट करना है कि विवाह किसी भी महिला के ‘ना’ कहने के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। थरूर का कहना है कि शादी के भीतर भी हर महिला को शारीरिक स्वतंत्रता और सम्मान का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून इस सुरक्षा को आज भी सुनिश्चित नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा मैरिटल रेप विवाह का मुद्दा नहीं, बल्कि हिंसा का मुद्दा है, और अब कार्रवाई का समय आ गया है।

पत्नी को पति की संपत्ति मानना

वर्तमान में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 63, विवाहित पुरुषों को सहमति के बिना यौन संबंध बनाने पर दंड से छूट देती है, बशर्ते पत्नी 18 वर्ष से अधिक हो। थरूर के अनुसार यह प्रावधान पुरुष-प्रधान मानसिकता और औपनिवेशिक युग के अवशेषों पर आधारित है, जो पत्नी को पति की संपत्ति जैसा मानने की सोच से जन्मा है।

उन्होंने चेताया कि इस अपवाद ने विवाहित महिलाओं को कानूनी रूप से असहाय बना दिया है और यह भ्रम फैलाया है कि शादी के बाद सहमति की जरूरत नहीं होती जो महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वायत्तता के मूल अधिकारों पर सीधा हमला है।

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