Rahul Gandhi : कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मोदी ने “वोट चोरी” कर सत्ता प्राप्त की है और इस संबंध में उनके पास ठोस सबूत मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने वायनाड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा,”हम बहुत बड़ा धमाका करने वाले हैं, जो पूरे देश को हिला देगा। यह कोई खाली आरोप नहीं है, बल्कि हमारे पास सौ फीसदी प्रमाण हैं। जल्द ही हम ऐसा दस्तावेज और जानकारी सामने रखेंगे कि कोई भी इस पर शक नहीं कर पाएगा।”
चुनाव आयोग के मुखिया पर भी गंभीर आरोप
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर “वोट चोरों की सुरक्षा” का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक के आलंद क्षेत्र में हजारों मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए थे। राहुल ने इस बात का दावा किया कि इस मामले में सीआईडी की जांच जारी है और जांच में सीईसी ज्ञानेश कुमार का नाम भी शामिल है। राहुल गांधी ने कहा “चुनाव आयोग के प्रमुख पर खुद सीआईडी की जांच होना कोई छोटी बात नहीं है। यह तथ्य है, आरोप नहीं”।
‘हाइड्रोजन बम’ को लेकर दिया संकेत
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका “हाइड्रोजन बम” प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से जुड़ा होगा, तो राहुल ने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि मीडिया अटकलें लगाने का काम करती है, जबकि उनका काम है तथ्य जनता के सामने लाना।
ओमन चांडी को किया याद
वायनाड दौरे के दौरान राहुल गांधी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की स्मृति में बने ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि चांडी जी सत्ता में रहते हुए भी विनम्र बने रहे, जबकि कई राष्ट्रीय नेता थोड़ी-सी ताकत मिलने पर घमंडी हो जाते हैं और यह भी बताया कि भारत में कई बड़े नेता हैं, जिनमें विनम्रता का अभाव है। लेकिन ओमन चांडी से लोगों का गहरा जुड़ाव था।
वायनाड ने मेरी रक्षा की
राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि जब उन पर राजनीतिक हमले हुए, तब वायनाड के लोगों ने परिवार की तरह उनका साथ दिया। उन्होने कहा “जब मुझ पर हमला हुआ, आपने मुझे बचाया। जैसे मेरी मां या बहन करतीं, वैसे ही आपने किया। इस रिश्ते को मैं जिंदगीभर नहीं भूलूंगा”।
चुनाव आयोग का पलटवार
गौरतलब है कि इससे पहले चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन जाकर नाम नहीं हटा सकता। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया था कि आलंद में मतदाता सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं की गई है।
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यह विवाद तब और गहराता जा रहा है, जब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) लगातार सबूतों की बात कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनका “हाइड्रोजन बम” भारतीय राजनीति को हिला देगा।

