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आवारा कुत्तों पर SC सख्त, हलफनामा न देने पर सभी राज्यों के मुख्य सचिव तलब

by | Oct 27, 2025 | देश

Supreme Court on Street Dogs : आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

जस्टिसों ने सुनवाई के दौरान जाहिर की नाराजगी

आज जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केवल पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम ने ही कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हलफनामा दाखिल किया है। बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।

पहला भी आदेश जारी

कोर्ट ने कहा कि उसने पहले ही 22 अगस्त को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश जारी किया था कि वे आवारा कुत्तों से जुड़ी स्थिति पर विस्तृत कम्प्लायंस रिपोर्ट दाखिल करें। इसके बावजूद अधिकांश राज्यों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

विक्रम नाथ ने की टिप्पणी और पाठक दवे से पूछा

जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं और इससे देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धुंधली हो रही है। हम भी समाचार रिपोर्ट्स देख रहे हैं। जब यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय है तो राज्यों को इसकी जानकारी न होने का सवाल ही नहीं उठता।

बेंच ने केंद्र सरकार का पक्ष रख रहीं एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे से भी पूछा कि आखिर दिल्ली सरकार ने अब तक अपना हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि जवाब नहीं दिया गया तो कोर्ट जुर्माना लगाने या अन्य सख्त कदम उठाने पर मजबूर होगी।

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SC ने क्या बोला?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देना होगा, अन्यथा सुनवाई कोर्ट ऑडिटोरियम में की जाएगी ताकि जिम्मेदारी तय हो सके।

कोर्ट ने साफ किया कि आवारा कुत्तों के मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि यह सार्वजनिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा मामला है।

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