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किसी से कोई झगड़ा नहीं…संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा -तकनीकी शिक्षा का विरोध नहीं, लेकिन संस्कृति बनाए रखना जरूरी

by | Aug 28, 2025 | देश

RSS chief Mohan Bhagwat :  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित नए क्षितिज कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बयान दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का विरोध नहीं किया जा रहा है,लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि हम अपनी भाषा, परंपरा, वेशभूषा और संस्कृति को बनाए रखें. उनका मानना है कि ये हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक अस्तित्व का अभिन्न हिस्सा हैं.

भागवत ने नई शिक्षा नीति को आवश्यक बताते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए इस तरह के बदलाव जरूरी हैं,लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों से न दूर हों. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति लाना आवश्यक था,लेकिन इसके साथ-साथ हमें अपने घरों में अपनी संस्कृति,परंपरा और भाषा बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए.

समाज में समरसता की आवश्यकता

संघ प्रमुख ने भारतीय समाज में एकता और समरसता के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि समाज में बेहतर रिश्ते और विश्वास बढ़ाने के लिए हमें एक-दूसरे के पर्व और त्योहारों में भाग लेना चाहिए. भागवत ने कहा कि समाज में प्रेम और करुणा को बढ़ावा देने के लिए यह बहुत जरूरी है. उनका मानना है कि एक-दूसरे के खुशियों में शामिल होने से सामाजिक दूरियां कम होती हैं और आपसी भेदभाव में कमी आती है.

कानूनी व्यवस्था पर भरोसा रखें

संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि विवादों या भड़काऊ स्थितियों में कानून हाथ में लेने की बजाय कानूनी व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान और कानूनी व्यवस्था हमारी सुरक्षा का आधार है. इस पर विश्वास करना और इसके दायरे में रहकर समाधान ढूंढना चाहिए.

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संघ और सरकारों के संबंधों पर टिप्पणी

भागवत ने संघ और सरकार के बीच अच्छे समन्वय की बात की. उन्होंने बताया कि संघ का राज्य और केंद्र सरकारों दोनों के साथ समन्वय अच्छा है, हालांकि कुछ व्यवस्थाएं हैं जो अंग्रेजों के शासन के दौरान बनाई गई थीं और अब उनमें कुछ नवाचार की आवश्यकता महसूस होती है. कुर्सी पर बैठा व्यक्ति पूरी तरह से समर्पित हो, उसे कार्य करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, उन्होंने कहा कि कहीं कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन कुछ बदलाव की आवश्यकता है.