Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस 2026 के मद्देनजर भारत के कई शहरों में सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार आतंकियों का लक्ष्य दिल्ली समेत देश के बड़े मंदिर और सार्वजनिक स्थल हैं। इस अलर्ट के बाद दिल्ली, अयोध्या, जम्मू और अन्य संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI allegedly इस हमले को अंजाम देने के लिए ‘26-26’ कोड नेम वाला सीक्रेट प्लान तैयार कर रही है।
आतंकियों का निशाना
सूत्रों के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और जम्मू का रघुनाथ मंदिर आतंकियों की प्राथमिक निशानियों में शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इनपुट मिलने के बाद फोर्सेस को पहले से अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आतंकियों की संभावित भूमिका में जैश-ए-मोहम्मद और पंजाब बेस्ड गैंगस्टर्स का नाम लिया जा रहा है।
दिल्ली में पोस्टर अभियान और सोशल मीडिया निगरानी
इंटेलिजेंस एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। kashmiri Resistance Group और Falcon Squad जैसी समूहों के जरिए मुस्लिम युवकों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में पहली बार आतंकियों के पोस्टर भी चिपकाए गए हैं, जिनमें मोहम्मद रेहान नामक आतंकी की तस्वीर दिखाई गई है। यह आतंकी पूर्व में संभल में अलकायदा मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद फरार हुआ था और अब दिल्ली में बड़ा हमला करने की तैयारी में बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चिन्हित आतंकियों में सैयद मोहम्मद अर्शिया, मोहम्मद रेहान, मोहम्मद शरजील अख्तर, मोहम्मद उमर, अबु सूफियान और मोहम्मद शहीद फैजल शामिल हैं।
दिल्ली में गणतंत्र दिवस सुरक्षा में तकनीक का उपयोग
गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। चेहरे की पहचान के लिए एआई-सक्षम स्मार्ट चश्मों (FRS-enabled smart glasses) का उपयोग किया जाएगा। ये उपकरण भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्धों के चेहरे स्कैन कर तुरंत केंद्रीय डेटाबेस से मिलान करेंगे। इससे जमीनी सुरक्षा कर्मियों को संदिग्धों की पहचान करने में तेजी मिलेगी।
जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान
गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों की बस्तियों वाले क्षेत्रों में घर-घर तलाशी की जा रही है। सेना और पुलिस अतिरिक्त जवानों के साथ आतंकवादियों की तलाश कर रहे हैं, जो पिछले सप्ताह मुठभेड़ के बाद जंगलों में भाग गए थे।
सुरक्षा बलों ने सीमा और राजमार्गों के आसपास भी सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने तथा किसी भी आतंकी हमले की संभावना को रोकने के लिए उठाया गया है।
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