Rajya sabha Nomination : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों को मनोनीत किया है। राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए गए चार नए सदस्यों में प्रख्यात वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन और केरल के सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंद मास्टर शामिल हैं।

क्या आप जानते है राज्यसभा में मनोनयन की प्रक्रिया क्या है और इसका उद्देश्य क्या होता है।
राज्यसभा में मनोनयन की क्या है प्रक्रिया
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत राज्यसभा में कुल 250 सदस्य हो सकते हैं। इनमें से 238 सदस्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं,जबकि शेष 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। राष्ट्रपति केवल उन्हीं व्यक्तियों को राज्यसभा में नामित कर सकते हैं, जिन्होंने साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया हो। ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 80(1)(a) और 80(3) के तहत किए गए हैं।
क्या है मनोनयन का उद्देश्य
इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन विशेषज्ञों को संसद में प्रतिनिधित्व देना है,जो आम चुनाव के ज़रिए सदन में नहीं पहुंच पाते लेकिन अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके होते हैं।
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इन हस्तियों की हो चुकी है राज्यसभा में एंट्री
आज़ादी के बाद से अब तक कई प्रसिद्ध हस्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया जा चुका है। इनमें गायिका लता मंगेशकर, संगीतज्ञ एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, सरोद वादक अली अकबर खान, अभिनेत्री रेखा, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और संगीत निर्देशक रवींद्र जैन जैसे नाम शामिल हैं।

