Real Money Games : भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री को एक स्पीड ब्रेकर का सामना करना पड़ सकता है। ये स्पीड ब्रेकर सरकार द्वारा लाया जा रहा ऑनलाइन गेमिंग बिल, जिसकी वजह से गेमज बंद हो सकते है। रिपोर्टस के अनुसार बिल में रियल मनी गेम्स को बैन करने की बात हो रही है। हालांकि इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है रियल मनी गोम्स?
रियल मनी गेम्स वे ऑनलाइन गेम्स हैं जिनमें खिलाड़ी पहले पैसे जमा करते हैं और जीतने पर पैसे या वित्तीय लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसमें फैंटेसी स्पोर्ट्स (जैसे Dream11), डिजिटल रम्मी, ई-पोकर जैसे गेम्स शामिल होते हैं भावना या कौशल की परवाह किए बिना। Real Money Gaming के अंदर BGMI, Call of Duty और Free जैसे गेम्स नहीं आते ,क्योंकि यहां सट्टा नहीं लगाया जाता है।
सरकार क्या कर रही है?
लोकसभा में केंद्र सरकार ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पेश किया. इस बिल के तहत सभी रियल मनी बेस्ड ऑनलाइन गेम्स ,चाहे वो स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड उन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
बिल का उद्देश्य और तुलना
बिल को पास करने का उद्देश्य है कि मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान को रोका जा सकें और खुदकुशी जैसी गंभीर घटनाओं से बचाव, जुआ और सट्टेबाजी की प्रवृत्ति को नियंत्रित करना। इन प्लेटफॉर्म्स का काला धन और आतंकवादी फंडिंग के लिए दुरुपयोग हो रहा है, इन को रोकने के लिए बिल को संसद में पेश किया गया है।
क्या सब गेम्स बंद होंगे?
बिल में स्पष्ट रूप से ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को अलग रखा गया है। ये गेम्स केवल मनोरंजन या कौशल आधारित हैं जहां पैसे की ठोकठाक शामिल नहीं होती। इसके लिए सरकार एक राष्ट्रीय ई-स्पोर्ट्स अथॉरिटी (या नियामक) स्थापित करने की योजना बना रही है जो इन्हें प्रोत्साहित और नियंत्रित करेगी।
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उद्योग और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
गेमिंग इंडस्ट्री चिंतित है कि यह कदम ‘डैथ नेल’ सिद्ध हो सकता है। बड़े पैमाने पर रोज़गार, निवेश और इन्वेरेंज़हानल को प्रभावित कर सकता है। दूसरी ओर MeitY के सचिव S. Krishnan ने इस बिल को “बैलेंस्ड और स्पष्ट” बताया, जिसमें रचनात्मक पहलुओं को भी सुरक्षित रखा गया है।

