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प्रयागराज प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य मानने से किया इनकार, जारी नोटिस में 24 घंटे में मांगा जवाब

Shankaracharya Avimukteshwaranand: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के माघ मेले में राज्य के गृह सचिव मोहित गुप्ता और मेला प्रशासनति अधिकारियों का अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों संग हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में माघ मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस भेजकर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। गौरतलब है, स्नान के लिए माघ मेला आए अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से मारपीट की घटना के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से ही मना कर दिया और वहीं, अपने शिविर के बाहर विरोध में बैठे गए और उनका विरोध 36 घंटे से जारी है।

नोटिस में प्रशासन ने क्या कहा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर कहा है कि मेला प्रशासन ने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि वो ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य नहीं हैं। प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकाराचार्य मानने से इनकार किया है। नोटिस में कहा गया है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई अग्रिम आदेश पट्टाभिषेक के संबंध में पारित नहीं करता है, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेकित नहीं हो सकता है।

आज प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद

इस पूरे विवाद पर आज मंगलवार दोपहर तीन 3:00 बजे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वो इस विवाद पर अपनी बात रख सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ़ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोके जाने पर पद्म विभूषण तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने बड़ा बयान दिया है, जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि कि स्वयं वो शास्त्र के विरुद्ध कर रहे थे, हम स्वयं स्नान करने पैदल जाते हैं, जो शास्त्र के विरुद्ध करेगा उसे न सुख मिलेगा न शांति मिलेगी और न गति मिलेगी।

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