India Elections2026: साल 2026 भारतीय राजनीति के लिए बेहद अहम होने जा रहा है। नए साल के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज होने वाली है और कई राज्यों में सत्ता की तस्वीर बदल सकती है। जहां 2025 में दिल्ली और बिहार में विधानसभा चुनाव हुए, वहीं 2026 में चुनावों का दायरा और बड़ा होगा। इस साल चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, साथ ही राज्यसभा की दर्जनों सीटों के लिए भी मुकाबला होगा। सवाल यही है, कहां सत्ता बरकरार रहेगी और कहां चुनौती भारी पड़ेगी?
2026 में कहां-कहां होंगे विधानसभा चुनाव?
• पश्चिम बंगाल (294 सीटें)
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पिछले करीब 15 साल से सत्ता में है। 2021 में टीएमसी ने 215 सीटों के साथ शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मजबूत विपक्ष बनकर उभरी थी।
2026 का दांव: टीएमसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सत्ता विरोधी लहर को संभालना है। भाजपा के लिए यह चुनाव तय करेगा कि 2021 की सफलता स्थायी थी या सिर्फ एक उछाल। कांग्रेस और लेफ्ट भी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में हैं।
• केरल (140 सीटें)
केरल में माकपा के नेतृत्व वाला एलडीएफ सत्ता में है। 2021 में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी।
2026 का दांव: एलडीएफ तीसरी बार जीत हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाना चाहता है, जबकि कांग्रेस नीत यूडीएफ सत्ता में वापसी की कोशिश करेगा। भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में मजबूती दिखाई है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
• तमिलनाडु (234 सीटें)
राज्य में फिलहाल एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके सरकार है। 2021 में डीएमके गठबंधन को बहुमत मिला था।
2026 का दांव: इस बार अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की एंट्री ने समीकरण बदल दिए हैं। डीएमके को सत्ता विरोधी लहर से जूझना होगा, जबकि एआईएडीएमके वापसी की कोशिश में है। विजय खुद को स्टालिन के विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
• असम (126 सीटें)
भाजपा पिछले 10 साल से सत्ता में है। 2021 में एनडीए ने 75 सीटें जीती थीं।
2026 का दांव: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, लेकिन लंबे शासन के कारण एंटी-इन्कंबेंसी चुनौती बन सकती है। कांग्रेस ने गौरव गोगोई को आगे कर मुकाबला तेज कर दिया है। विपक्षी वोटों का बंटवारा भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
• पुडुचेरी (30 सीटें)
यहां एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन सत्ता में है।
2026 का दांव: गठबंधन अंदरूनी कलह और सत्ता विरोधी माहौल से जूझ रहा है। द्रमुक अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जबकि कांग्रेस के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई जैसा है।
राज्यसभा चुनाव भी रहेंगे केंद्र में
2026 में राज्यसभा की करीब 70 से ज्यादा सीटें खाली होंगी। अप्रैल, जून और नवंबर में बड़े पैमाने पर सांसद रिटायर होंगे। इसके अलावा कुछ विशेष और रिक्त सीटों पर भी चुनाव होंगे। इन चुनावों से संसद का शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है।
उपचुनाव और स्थानीय चुनाव
महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव, खासकर बीएमसी चुनाव, सियासी तापमान बढ़ाएंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट और कई राज्यों की विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं।
राजनीतिक भविष्य तय करने वाला साल
2026 सिर्फ चुनावों का साल नहीं, बल्कि राजनीतिक भविष्य तय करने वाला साल होगा। बंगाल, केरल और तमिलनाडु में सत्ता की लड़ाई कड़ी है, असम और पुडुचेरी में गठबंधन परीक्षा में हैं, और राज्यसभा चुनाव केंद्र की राजनीति पर असर डाल सकते हैं। साफ है 2026 का सियासी संग्राम बेहद रोमांचक होने वाला है।
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