PM Modi Trinidad and Tobago Visit: अपने विदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे। वहां उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर को बिहार की बेटी बताया। पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात के दौरान बिहार के साथ उनके पैतृक संबंधों को याद किया। महाकुंभ और सरयू का पवित्र जेल भेंट करते हुए उन्हें कैरेबियाई देश में गंगा धारा में चढ़ाने के लिए कहा।
गंगा धारा में महाकुंभ-सरयू का पवित्र जल
प्रधानमंत्री कमला जी के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। कमला जी स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। यहां उपस्थित अनेक लोगों के पूर्वज भी बिहार से ही आए हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। आप सभी जानते हैं कि इस साल की शुरुआत में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम महाकुंभ आयोजित हुआ। मुझे महाकुंभ का जल अपने साथ ले जाने का सौभाग्य मिला है। मैं कमला जी से अनुरोध करता हूं कि वे यहां गंगा धारा में सरयू और महाकुंभ का पवित्र जल अर्पित करें।
At the dinner hosted by Prime Minister Kamla Persad-Bissessar, I presented a replica of the Ram Mandir in Ayodhya and holy water from the Saryu river as well as from the Mahakumbh held in Prayagraj. They symbolise the deep cultural and spiritual bonds between India and Trinidad &… pic.twitter.com/ec48ABwWdB
— Narendra Modi (@narendramodi) July 4, 2025
दिल में रामायण रखते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो या उच्च शिक्षा हो, बिहार ने सदियों पहले दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी। मुझे विश्वास है कि 21वीं सदी की दुनिया के लिए भी बिहार की धरती से नई प्रेरणाएं और नए अवसर निकलेंगे। पीएम ने कहा कि प्रवासी भारतीय दुनिया में कहीं भी रहे लेकिन वो अपने दिलों में रामायण जरूर रखते हैं।
मोदी एक परिवर्तनकारी शक्ति
प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, एक परिवर्तनकारी शक्ति हैं, जिन्होंने भारत के शासन को परिष्कृत किया है और अपने देश को एक प्रमुख और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। आज पीएम मोदी 1.4 बिलियन से अधिक लोगों की सरकार के प्रमुख के हैं। एक ऐसे प्रतिष्ठित नेता के रूप में जिनका प्रभाव सीमाओं से परे है। भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो को जोड़ने वाले संबंध केवल कूटनीतिक प्रकृति के नहीं हैं। ये वंश, रिश्तेदारी, त्याग और प्रेम के संबंध हैं।

