PM Modi Israel visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय औपचारिक दौरे पर इजराइल पहुँच गए हैं। यह दौरा उनके पिछले दौरे के लगभग 9 साल बाद हो रहा है, जब उन्होंने 2017 में इजराइल का दौरा किया था। इस बार का दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक
एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी का गले लगाकर अभिनंदन किया। इसके अलावा एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जो इस दौरे की औपचारिकता और महत्व को दर्शाता है। दौरे के दौरान पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इन बैठकों में सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, विज्ञान और नवाचार सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता
इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से कृषि, जल प्रबंधन, उच्च तकनीक, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक नेताओं और मंत्रियों के बीच बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
सांस्कृतिक और रणनीतिक महत्व
पीएम मोदी का इजराइल दौरा केवल राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग पहले ही मजबूत है, और इस दौरे से इस साझेदारी को और विस्तार मिलने की संभावना है। इसके अलावा, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर भी नई योजनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पिछले दौरे और कूटनीतिक इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी का पिछला दौरा 2017 में हुआ था, जब उन्होंने इजराइल के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। उस दौरे ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा दी थी। इस नए दौरे में पिछले सहयोग को और मजबूत करना और नई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करना प्रमुख उद्देश्य है।
दो दिवसीय दौरे में पीएम मोदी न केवल इजराइल के राजनीतिक नेतृत्व के साथ मुलाकात करेंगे, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर भी चर्चा करेंगे। इस दौरे से भारत और इजराइल के बीच आपसी समझ, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक हितों को सुनिश्चित करना और भविष्य में नई साझेदारियों के रास्ते खोलना है।

