Parliament Winter Session 2025: संसद का शीतकालीन सत्र आज, 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है और 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें होंगी। सरकार इस सत्र में 13 नए बिल लाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
सर्वदलीय बैठक में 36 दलों की मौजूदगी
सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसमें 36 राजनीतिक दलों के 50 नेता शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे।
सत्र में पेश होंगे कई अहम बिल
शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र समेत 10 नए बिल पेश किए जा सकते हैं। पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगी—
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025
- सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक 2025
ये दोनों बिल उन वस्तुओं की टैक्स व्यवस्था से जुड़े हैं जिन पर अभी जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस लगता है, जैसे—
सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला आदि।
SIR पर गरमा सकता है माहौल
विपक्ष SIR (चुनावी सुधार मुद्दा) को लेकर बेहद आक्रामक है। विपक्ष की मांग है कि इस मुद्दे पर संसद में लंबी और खुली चर्चा हो। राम गोपाल यादव ने कहा कि यदि SIR पर चर्चा नहीं हुई तो वे सदन नहीं चलने देंगे। CPI(M) नेता जॉन ब्रिटास ने भी कहा कि सभी विपक्षी दल चुनावी सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा, ग्रामीण संकट और राज्यपालों की भूमिका पर चर्चा चाहते हैं।
विपक्ष इन मुद्दों पर भी करेगा सरकार को घेरने की तैयारी
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की मांग रखी-
- 10 नवंबर को दिल्ली में हुआ बम धमाका
- वायु प्रदूषण
- विदेश नीति
- किसानों की स्थिति
- महंगाई
- बेरोजगारी
क्या होगा आगे?
शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही माहौल गर्म होने के पूरे आसार हैं। सरकार बिलों को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष कई मुद्दों पर चर्चा और जवाब मांग रहा है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में संसद शांतिपूर्वक चलती है या जोरदार हंगामे का सामना करती है।

