Discussion On Vande Matara: संसद के शीतकालीन सत्र में इस सप्ताह माहौल बेहद खास होने जा रहा है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लोकसभा में विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। इस ऐतिहासिक बहस में PM नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे, जिससे सदन की कार्रवाई को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने इस चर्चा के लिए 10 घंटे का वक्त निर्धारित किया है।
गुरुवार या शुक्रवार को होगी ऐतिहासिक बहस
लोकसभा में यह विशेष चर्चा संभवतः गुरुवार या शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम में ‘वंदे मातरम’ की भूमिका, इसके सांस्कृतिक महत्व और राष्ट्रीय एकता में इसके योगदान को रेखांकित करना है। यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे होने पर संसद इतनी विस्तृत बहस करेगी।
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू की अध्यक्षता में 30 नवंबर को हुई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। बाद में लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) ने भी इसे हरी झंडी दे दी। सरकार ने सभी दलों से अपील की है कि वे इस चर्चा में सक्रिय भागीदारी करें, क्योंकि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
राज्यसभा में भी जोरदार समर्थन
राज्यसभा में NDA के सदस्यों ने भी ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा की जोरदार वकालत की। उनका मानना है कि यह अवसर देश की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन की भावना को दोबारा स्मरण करने का है। शीतकालीन सत्र का यह सप्ताह संसद के इतिहास में दर्ज होने जा रहा है, जब राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ पर सदन में ‘वंदे मातरम’ के तराने और उसके महत्व पर 10 घंटे की विशेष बहस होगी, और खुद प्रधानमंत्री भी इस चर्चा को नई दिशा देंगे।
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