India Bloc Protest March : दिल्ली में सोमवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध जताने के लिए संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला.
चुनावी प्रक्रिया में धांधली का आरोप
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस पुनरीक्षण के जरिए चुनावी प्रक्रिया में धांधली की कोशिश की जा रही है और यह लोकतंत्र पर हमला है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए. कई सांसद सड़क पर बैठ गए और बिहार में एसआईआर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे,जबकि कुछ बैरिकेड्स पर चढ़कर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाते रहे.
सांसदों की इस जोरदार नारेबाजी के बीच पुलिस ने राहुल गांधी,प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने भेज दिया. बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया. राहुल गांधी ने रिहाई के बाद साथी सांसदों का हार्दिक धन्यवाद करते हुए कहा कि यह लड़ाई लोकतंत्र, संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए है, और हम इसे मिलकर हासिल करेंगे.
बेहोश हुई महुआ मोइत्रा
विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा और मिताली बाग बेहोश हो गईं, जिससे अराजकता का माहौल बन गया. नेताओं के सहयोगियों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और इस तनावपूर्ण स्थिति का वीडियो सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर साझा किया.
विपक्षी नेताओं को लिया गया हिरासत में
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में करीब 300 से ज़्यादा सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग तक मार्च शुरू किया. जैसे ही ये सांसद बैरिकेड्स तक पहुंचे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोका और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए नेताओं को एक बस में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया, लेकिन कुछ समय बाद सभी को रिहा कर दिया गया.
विपक्ष ने चुनाव आयोग और सरकार पर लगाए आरोप
विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है. चुनाव आयोग को चुराओ आयोग नहीं बनने दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों के सामने लगे बैनरों पर लिखा था, SIR वोट चोरी, लोकतंत्र की हत्या और SIR – लोकतंत्र पर वार.कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी चुनाव आयोग से मामले पर जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि जब तक लोगों के मन में चुनावों की निष्पक्षता को लेकर संदेह है, तब तक यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रहा है.
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अखिलेश यादव ने लगाया बैरिकेड से छलांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड कूदते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हम वोट बचाने के लिए बैरिकेड कूद रहे हैं. चुनाव आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए. मैंने खुद 18,000 हटाए गए वोटों की सूची दी है. चुनाव आयोग ने हलफनामा मांगा था,हमने दे दिया. सभी को वोट देने का अधिकार होना चाहिए. यह घटनाक्रम मौजूदा मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर में विपक्ष के हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है. विपक्षी नेता एसआईआर के मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं.
चुनाव आयोग के खिलाफ बढ़ता विरोध
विपक्षी दलों का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ करना है,जिसका असर पूरे देश की चुनावी प्रक्रिया पर पड़ेगा. इसके विरोध में कांग्रेस,तृणमूल कांग्रेस,समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने दिल्ली में इस मार्च में भाग लिया.

