National Unity Day : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “आज देश में रिकॉर्ड हाइवे और एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। वंदे भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेल को बदल रही हैं। छोटे शहर भी अब एयरपोर्ट की सुविधा से जुड़ रहे हैं। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से दुनिया का भारत को लेकर नजरिया पूरी तरह बदल रहा है। इससे देश की दूरियां पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक कम हुई हैं।”
पिछली सरकारों की नीतियों से बढ़ी चुनौतियां
प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की देशभक्ति और संप्रभुता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए कहा कि “सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को हमेशा सर्वोपरि रखा। लेकिन उनके निधन के बाद की सरकारों में देश की संप्रभुता को लेकर उतनी गंभीरता नहीं दिखाई गई। कश्मीर में हुई गलतियां, पूर्वोत्तर में उत्पन्न समस्याएं और देश में फैलता नक्सलवाद-माओवादी आतंक यह सभी देश की संप्रभुता के लिए प्रत्यक्ष चुनौतियां थीं। उस समय की सरकारों ने इन नीतियों पर चलने के बजाय रीढ़विहीन रवैया अपनाया, जिसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में भुगता। 2014 के बाद हमारी सरकार ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक पर प्रचंड कार्रवाई की।”
मोदी ने घुसपैठियों को देश की एकता और सुरक्षा के लिए खतरा बताया
पीएम मोदी ने कहा कि “आज हमारे देश की एकता और सुरक्षा पर घुसपैठियों से गंभीर खतरा है। दशकों से विदेशी घुसपैठिए हमारे देश में प्रवेश कर रहे हैं, संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे हैं और जनसांख्यिकी का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। पिछली सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया। हमारी सरकार ने पहली बार इस चुनौती का सीधे सामना करते हुए देश की अखंडता की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।”
पीएम मोदी ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का विचार किया याद
सरदार पटेल के योगदान पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “सरदार साहब मानते थे कि इतिहास लिखने में समय नहीं गंवाना चाहिए, बल्कि इतिहास बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने आजादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का असंभव कार्य संभव कर दिखाया। उनके लिए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का विचार सर्वोपरि था।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की दूरदर्शिता और उनके द्वारा लिए गए निर्णयों को भारत की प्रगति और राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेरक बताया।

