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देशभर में मानसून ने मचाई तबाही, बाढ़ और बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त

by | Sep 2, 2025 | देश

Monsoon flood alert :  इस वक्त देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून अपने चरम पर है,जिससे भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दिल्ली से लेकर राजस्थान और पंजाब तक, मानसून के प्रकोप ने लोगों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश की वजह से बाढ़, लैंडस्लाइड और बादल फटने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनसे कई क्षेत्रों में जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है.

राजधानी में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

दिल्ली में हरियाणा से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां कर ली गई हैं और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचेगा. हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार शाम तक यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है.

मुंबई में भारी बारिश से हालात खराब

उत्तराखंड के चमोली में भी बाढ़ का कहर देखा गया. रविवार तड़के भारी बारिश के कारण ज्योतिर्मठ-मलारी राजमार्ग पर पुल बह गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. वहीं, पंजाब में बाढ़ के कारण 3 लाख एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और किसानों को भारी नुकसान हुआ है. मुंबई में भी भारी बारिश से हालात खराब हो गए हैं, जिससे यातायात में रुकावट आई है और जनजीवन प्रभावित हो गया है.

कई लोग लापता

राजस्थान में भी मानसून का असर जारी है, खासकर हनुमानगढ़ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. सरकारी दफ्तरों और घरों में पानी भर गया है,और आपदा प्रबंधन दल ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. बीकानेर में कच्चे घर के गिरने से एक महिला की मौत हो गई है. मौसम विभाग ने सितंबर के पहले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना जताई है.  रेलवे ने भी मानसून के कारण ट्रेन सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए निर्णय लिया है कि माता वैष्णो देवी कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, श्री शक्ति एक्सप्रेस और जम्मू राजधानी ट्रेन को सितंबर माह के पूरे महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि कठुआ और माधोपुर के बीच रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है.

राहत एवं वचाव कार्य जारी

सेना की पश्चिमी कमान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई है. जम्मू, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5,000 से अधिक लोगों की जान बचाई गई है और 21 टन से अधिक राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाई गई है. 16 अगस्त से चल रहे इस बचाव अभियान में 20 विमानों, जिनमें एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, एमआइ-17 और चिनूक शामिल हैं, का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है. स्थानीय प्रशासन और राहत कार्य दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.

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