79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बड़े ऐलान किए पहला नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म और दूसरा एंप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना की शुरुआत। इन दोनों घोषणाओं को आने वाले समय में मोदी सरकार की आर्थिक और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर विपक्ष के दो बड़े मुद्दों जीएसटी और बेरोजगारी को टारगेट करता है।
GST में ‘नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म का ऐलान
पीएम मोदी ने कहा कि इस दिवाली देशवासियों को बड़ा तोहफा मिलने वाला है। उन्होंने कहा, हम नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म ला रहे हैं, जिससे टैक्स का बोझ कम होगा और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें सस्ती होंगी। एमएसएमई और लघु उद्यमों को भी इससे बड़ा लाभ मिलेगा।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते आठ वर्षों में GST व्यवस्था को लगातार सुधारा गया है, लेकिन अब समय है कि इसे व्यापक रूप से रिव्यू किया जाए। इसके लिए एक हाई पावर कमेटी गठित की गई है और राज्यों से भी विचार-विमर्श किया गया है। आने वाले महीनों में GST की दरों में कटौती कर आम लोगों को राहत दी जाएगी।
क्या कमजोर होगी गब्बर सिंह टैक्स की धार?
जीएसटी लागू होने के बाद से ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसे ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहकर आलोचना करते रहे हैं। राहुल ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार का जीएसटी रिफॉर्म नहीं बल्कि “आर्थिक अन्याय और कॉर्पोरेट भाई-भतीजावाद का एक क्रूर उपकरण है, जिसने देश के एमएसएमई सेक्टर और रोजगार पर गंभीर चोट की है।
हालांकि, मोदी सरकार अब जिस व्यापक सुधार की बात कर रही है, उसका मकसद आम जनता, छोटे व्यापारियों और उद्योगों को राहत देना है। माना जा रहा है कि यह कदम विपक्ष के लंबे समय से खड़े किए गए नैरेटिव को कमजोर कर सकता है।
रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा दांव: ELI योजना की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने रोजगार को लेकर भी एक नई योजना का ऐलान किया। एंप्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना के तहत केंद्र सरकार ने अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इस योजना के तहत निजी कंपनियों को नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह प्रोत्साहन मिलेगा। पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को दो किस्तों में 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी पहली किस्त 6 महीने बाद और दूसरी 12 महीने बाद। यह स्कीम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी लाने और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या विपक्ष के दोनों बड़े मुद्दों पर पड़ेगा असर?
पिछले आठ वर्षों में GST और बेरोजगारी, विपक्ष की ओर से केंद्र सरकार को घेरने के प्रमुख हथियार रहे हैं। खासकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसी पार्टियां लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रही हैं।
लेकिन अब जिस तरह से सरकार ने GST दरों में कटौती और व्यापक सुधार की घोषणा की है, साथ ही रोजगार को लेकर नई योजना को लागू किया है, उससे विपक्ष की सियासी जमीन पर असर पड़ सकता है। खासकर ऐसे समय में जब कई राज्यों में चुनाव और 2026 में लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

