होम = देश = संविधान सदन से दुनिया को संदेश, PM मोदी ने बताया कैसे भारत का लोकतंत्र बना स्थिरता और विकास का उदाहरण

संविधान सदन से दुनिया को संदेश, PM मोदी ने बताया कैसे भारत का लोकतंत्र बना स्थिरता और विकास का उदाहरण

by | Jan 15, 2026 | देश

PM Modi At 28th CSPOC: भारत में 14 से 16 जनवरी तक आयोजित 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में किया। इस सम्मेलन में दुनिया के 42 देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स के साथ चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भारत के लिए यह चौथा अवसर है जब यह उच्चस्तरीय संसदीय सम्मेलन देश में आयोजित किया गया है। इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय था “संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी”।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को विश्व के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 2024 के आम चुनाव में लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने पंजीकरण कराया। चुनाव में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से ज्यादा राजनीतिक पार्टियों ने भाग लिया। महिलाओं की भागीदारी में भी रिकॉर्ड देखा गया। मोदी ने यह भी बताया कि जिस सेंट्रल हॉल में उपस्थित सभी लोग बैठे हैं, वही भारत की संविधान सभा की बैठकें हुआ करती थीं और स्वतंत्रता के बाद यह संसद का मुख्य केंद्र रहा।

संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर का काम

PM मोदी ने स्पीकरों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर का काम केवल अध्यक्षता करना नहीं, बल्कि सभी सदस्यों के लिए निष्पक्ष और संतुलित माहौल सुनिश्चित करना है। धैर्य, संतुलन और निष्पक्षता ही स्पीकर की सबसे बड़ी ताकत है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र को “विविधता में एकता की मिसाल” बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भी किसी को शक था कि भारत का लोकतंत्र टिक पाएगा, लेकिन आज यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बन चुका है।

उन्होंने डिजिटल और आर्थिक उपलब्धियों को भी साझा किया। भारत दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI, सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता और इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। ये सब भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों की स्थिरता और विकास को दर्शाता है।

क्या-क्या हुई चर्चा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सम्मेलन की अध्यक्षता की, जबकि राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन में संसद और लोकतंत्र से जुड़े तकनीकी नवाचार, एआई का उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, नागरिक भागीदारी और सांसदों की सुरक्षा व स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

पीएम मोदी ने सभी देशों को संदेश दिया कि भारत का लोकतंत्र केवल शासन का तरीका नहीं, बल्कि विकास, स्थिरता और वैश्विक सहभागिता का उदाहरण भी है। CSPOC 2026 अब तक का सबसे बड़ा संसदीय सम्मेलन माना जा रहा है, जो भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और लोकतांत्रिक अनुभव को साझा करने का अवसर है।

ये भी पढ़ें: India Vs New Zealand 2nd ODI Match: प्रसिद्ध कृष्णा का कैच ड्रॉप, कौन जिम्मेदार? जानें भारत की हार का बड़ा कारण

चुनाव स्पेशल – बिहार