Ali Khamenei death protest: कश्मीर घाटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की कथित मौत के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने एहतियातन कई सख्त कदम उठाए हैं। श्रीनगर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र लाल चौक को टिन की चादरों और कंटीले तारों से घेर दिया गया है, जबकि घाटी के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इंटरनेट सेवाओं पर भी आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है और शैक्षणिक संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
लाल चौक में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
लाल चौक स्थित प्रसिद्ध घंटाघर के आसपास पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी मौजूदगी देखी जा रही है। प्रशासन ने क्षेत्र को चारों ओर से बैरिकेड्स, टिन शील्ड और कंटीले तारों से सील कर दिया है ताकि भीड़ इकट्ठा न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। खासकर उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है, जहां हाल के दिनों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
विरोध प्रदर्शन और बंद का आह्वान
कश्मीर घाटी में शिया समुदाय की उल्लेखनीय आबादी है, और खामेनेई की मौत की खबर के बाद कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन देखे गए। श्रीनगर के अलावा बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा जैसे जिलों में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने मातम मनाया और नारेबाजी की। इस बीच, मीरवाइज उमर फारुख के नेतृत्व वाले संगठन द्वारा एक दिवसीय बंद का आह्वान किया गया। बंद के ऐलान के बाद प्रशासन ने एहतियातन प्रमुख चौराहों और बाजारों में अतिरिक्त पाबंदियां लागू कर दीं। कई स्थानों पर आवाजाही सीमित कर दी गई और सुरक्षा जांच सख्त कर दी गई।
स्कूल-कॉलेज दो दिन के लिए बंद
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने घाटी के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय दो दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। आगामी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मनोज सिन्हा ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जाए।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
घाटी में हालात पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक और अन्य उच्च अधिकारी श्रीनगर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर रहे हैं ताकि सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जा सके। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंध अस्थायी हैं और स्थिति सामान्य होते ही चरणबद्ध तरीके से हटाए जाएंगे। फिलहाल प्राथमिकता शांति बनाए रखना और किसी भी तरह की हिंसा को रोकना है।
तनाव के बीच शांति की अपील
हालांकि कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्क है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे कानून का पालन करें और शांति बनाए रखें। कश्मीर इस समय संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। सुरक्षा प्रबंधों के बीच प्रशासन की कोशिश है कि आम जनजीवन पर न्यूनतम असर पड़े और हालात जल्द सामान्य हों।

