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इंडिगो का अब तक का सबसे बड़ा संकट, कैसे एक गलत अनुमान ने देश की 65% उड़ानों वाले दिग्गज को घुटनों पर ला दिया, जाने क्या है वजह?

by | Dec 7, 2025 | देश

Indigo Crisis Reason: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो, जो एक समय अपनी टाइम-पंक्चुअलिटी, सस्ते किराए और सबसे ज्यादा उड़ानों के लिए मशहूर थी, आज अपने इतिहास के सबसे बड़े व्यवस्था संकट से जूझ रही है। पिछले छह दिनों में एयरलाइन सैकड़ों उड़ानें रद्द कर चुकी है। अकेले रविवार को ही करीब 650 उड़ान रद्द हुईं, जिससे हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट पर फंसे रह गए। कोई इंटरव्यू मिस कर बैठा, कोई शादी में नहीं पहुंच सका, तो कई यात्रियों को मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस संकट ने इंडिगो की 65% बाजार हिस्सेदारी वाली पकड़ को भी हिला दिया है और एयरपोर्टों पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। आखिर चूक कहां हुई?

संकट की क्या है जड़

इंडिगो की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने नए नियमों के तहत पायलटों की जरूरत का सही अनुमान नहीं लगाया। DGCA ने नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम लागू किए थे, जिनमें-

• पायलटों का साप्ताहिक विश्राम बढ़ाया गया
• रात की उड़ानों की सीमा कम की गई
• लगातार नाइट ड्यूटी पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए

इन नियमों के लागू होने के बाद पायलट एक हफ्ते में पहले से कम घंटे काम कर सकते थे। इंडिगो को इसके लिए अतिरिक्त पायलटों की जरूरत थी, लेकिन उसने गणना गलत कर दी।

आंकड़ा बताता है भारी चूक

एयरबस A320 बेड़े के लिए 2422 कैप्टन चाहिए थे, लेकिन मौजूद सिर्फ 2357 थे। फर्स्ट ऑफिसर्स की संख्या भी कम थी, यानी एयरलाइन के पास कोई बैकअप पायलट ही नहीं था। रात की उड़ानें बढ़ाने और हर विमान का 100% उपयोग करने की नीति नए नियमों में उलटी पड़ गई।

कहां फूटा संकट?

2 दिसंबर को पहली बार बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स कैंसिल होने लगीं। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में-

• लाइनें कई-कई किलोमीटर लंबी
• यात्रियों का गुस्सा चरम पर
• हजारों बैग टर्मिनल में बिखरे पड़े
• उड़ानों की स्थिति बताने के लिए कोई कर्मचारी नहीं

यात्री सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाते रहे।

इंडिगो की पहली प्रतिक्रिया

3 दिसंबर को एयरलाइन ने समस्या स्वीकारते हुए जिम्मेदारी “तकनीकी गड़बड़ी, मौसम और सर्दियों के शेड्यूल” पर डाल दी। लेकिन असली कारण दो दिन बाद उजागर हुए।

एयरलाइन ने जारी रखती बुकिंग

स्थिति जितनी बिगड़ती गई, इंडिगो ने-

• नई बुकिंग रोकने के बजाय जारी रखी
• बाद में यात्रियों को कैंसिलेशन बताती रही

लोगों को उड़ान के लिए एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पता चलता कि उनकी फ्लाइट मौजूद ही नहीं है।

सरकार और DGCA की एंट्री

• 5 दिसंबर को DGCA ने अस्थायी राहत दी गई। कुछ रात की उड़ानों और लैंडिंग नियमों से छूट मिली, ताकि पायलट थोड़ा अधिक घंटे काम कर सकें
• 6 दिसंबर को सरकार ने किराया सीमा को तय किया ताकि एयरलाइंस संकट का फायदा उठाकर किराए न बढ़ा सकें
• DGCA ने इंडिगो के CEO को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का नोटिस भी भेजा

इंडिगो का बड़ा ऐलान

4 दिसंबर को CEO पीटर एल्बर्स ने आधिकारिक माफी मांगते हुए कहा-

• 10-15 दिसंबर तक रद्द सभी उड़ानों का पूरा रिफंड
• होटल और जमीनी परिवहन की व्यवस्था
• बदली गई उड़ानों पर कोई शुल्क नहीं
• चरणबद्ध तरीके से संचालन बहाल करने की योजना

संकट प्रबंधन समूह (Crisis Management Group) का गठन

इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता की अध्यक्षता में एक विशेष CMG बनाया गया है, जिसमें CEO भी शामिल हैं। यह समूह हर घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

एक गणना की गलती से कांप गया पूरा देश

इंडिगो का सबसे बड़ा सबक यही है की “देश की सबसे मजबूत एयरलाइन भी एक गलत मानव-संसाधन अनुमान से धराशायी हो सकती है।” FDTL के नए नियम वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं, लेकिन उन पर तैयारी की कमी ने इस विशाल संकट को जन्म दिया। एयरलाइन धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करने में जुटी है, लेकिन लाखों यात्रियों के लिए यह हफ्ता शायद कभी न भूलने वाला रहेगा।

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