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पाकिस्तान के खिलाफ हमले को तैयार है भारतीय नौसेना…ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नौसेना के प्रमुख का बड़ा बयान

by | Aug 26, 2025 | देश

Operation Sindoor : भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा कि यदि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं,तो भारतीय नौसेना पाकिस्तान के खिलाफ खुला हमला करेगी और ऑपरेशन सिंदूर को जारी रखेगी. यह बयान उन्होंने विशाखापत्तनम में दो नए फ्रिगेट्स, आईएनएस उदयगिरी और आईएनएस हिमगिरी की कमीशनिंग के दौरान दिया.

ऑपरेशन सिंदूर को जारी रखेगा नौसेना

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि इस अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा के युग में भारतीय नौसेना की समुद्र में एक प्रभावशाली ताकत देने की क्षमता हमारे दुश्मनों के खिलाफ एक प्रभावी प्रतिरोध है. हम इसे ऑपरेशन सिंधूर के दौरान बखूबी साबित कर चुके हैं.

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय नौसेना की मजबूत स्थिति और त्वरित तैनाती ने पाकिस्तान को काबू में रखा और उसे कार्रवाई रोकने के लिए मजबूर किया. हमारी यूनिट्स की तेज तैनाती और आक्रामक रुख ने पाकिस्तान की नौसेना को क़ैद कर लिया और उसे हमारी कार्रवाई रोकने की अपील करने पर मजबूर किया. कुछ दिन पहले,INS विक्रांत के डेक से आपने भारतीय नौसेना को यह आश्वासन दिया था कि ऑपरेशन सिंधूर खत्म नहीं हुआ है और यदि आवश्यकता पड़ी तो भारतीय नौसेना खुला हमला करेगी.

आईएनएस उदयगिरी और हिमगिरी का सेना में कमीशन

इस अवसर पर एडमिरल त्रिपाठी ने आईएनएस उदयगिरी और हिमगिरी के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि ये भारत के अपने युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा बनाए गए 100वें और 101वें युद्धपोत हैं. उन्होंने कहा कि आधुनिक और अत्याधुनिक प्लेटफार्म जैसे कि उदयगिरी और हिमगिरी, हमें दुश्मन को निर्णायक प्रहार करने में और सक्षम बनाते हैं. इस मौके पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को याद करना चाहूंगा. उन्होंने कहा था कि सुरक्षा का मूल सिद्धांत यह है कि आपके पास अनूठी और कस्टमाइज्ड प्रणालियाँ हों. यही अनूठापन और हैरान करने वाले तत्व तभी संभव हैं जब आपका उपकरण स्वदेशी रूप से निर्मित हो. इन युद्धपोतों का निर्माण 75% स्वदेशी सामग्री से हुआ है और इसमें 200 से अधिक MSMEs ने योगदान दिया है,जिससे 14,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला.

समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी थे उपस्थित

समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने भारत की नौसैनिक ताकत में दो महत्वपूर्ण additions को कमीशन किया. यह परियोजना 17A (शिवालिक) श्रेणी के फॉलो-ऑन जहाज हैं, जो डिजाइन, स्टेल्थ, हथियारों और सेंसर सिस्टम में बड़े सुधारों के साथ आते हैं. ये युद्धपोत विभिन्न प्रकार के अभियानों को संभालने में सक्षम हैं, जैसे कि सतही युद्ध, एंटी-सबमरीन वारफेयर, इलेक्ट्रॉनिक ऑपरेशंस और सर्विलांस. यह भारत की समुद्री मार्गों और समुद्री हितों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.