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रूस दौरे पर पहुंचे एस जयशंकर ने चीन-ईयू को बताया भारत से बड़ा तेल खरीदार, अमेरिकी टैरिफ पर जताई नाराजगी

by | Aug 21, 2025 | दुनिया, देश

India Russia Relations : भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों रूस के दौरे पर हैं. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने हाल ही में भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ (शुल्क) लगा दिया है. अमेरिका का तर्क है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से रूस की मदद कर रहा है. अमेरिका के इस कदम पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

भारत नहीं है रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार

मॉस्को में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने पर धमकी देना हैरान करने वाला कदम है. उन्होंने दो टूक कहा कि रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार भारत नहीं, बल्कि चीन है. एलएनजी का सबसे बड़ा खरीदार भी भारत नहीं,बल्कि यूरोपीय संघ है. हम वह देश नहीं हैं, जिसका 2022 के बाद रूस के साथ व्यापार में सबसे ज़्यादा उछाल आया है.

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अमेरिका ने खुद हमें कहा था कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को स्थिर बनाए रखने के लिए हमें रूस से तेल खरीदना चाहिए. हम अमेरिका से भी तेल खरीदते हैं और इसकी मात्रा लगातार बढ़ी है. इसलिए अमेरिका के तर्क पर हमें आश्चर्य है.

अमेरिकी टैरिफ पर जताई नाराजगी

इस बयान से पहले अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था,जिसमें रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया गया है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है. इस आर्थिक दबाव के जरिए अमेरिका भारत पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बना रहा है.

अमेरिका और रूस के बीच व्यापार में इजाफा

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूस से भारत के ऊर्जा व्यापार पर आपत्ति जताते हुए इसे यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने वाला बताया था. हालांकि, इसी दौरान ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात में यह भी कहा था कि अमेरिका और रूस के बीच व्यापार में इज़ाफा हो रहा है. इस विरोधाभासी रवैए को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है, जिसे भारत ने दोहरे मापदंड के रूप में देखा है.