India New Plan For Export : अमेरिका द्वारा भारत के टेक्सटाइल निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ (25% अतिरिक्त पेनल्टी समेत)लगाए जाने के बाद भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका के विकल्प के तौर पर40 अन्य देशों के साथ व्यापारिक साझेदारी की योजना बनाई है.इनमें ब्रिटेन,जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं. इस रणनीति का मकसद अमेरिकी बाजार पर निर्भरता को कम करना और भारत के कपड़ा निर्यात को वैश्विक स्तर पर नई दिशा देना है.
टैरिफ का सबसे बड़ा असर टेक्सटाइल सेक्टर पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए इस टैरिफ का सबसे बड़ा असर भारत के टेक्सटाइल सेक्टर पर पड़ा है.यह सेक्टर देश के लाखों लोगों को रोजगार देता है और भारी मात्रा में अमेरिका को एक्सपोर्ट करता है. परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को लगभग 10.3 अरब डॉलर मूल्य के वस्त्र निर्यात किए थे.ठाकुर ने कहा कि पहले से ही लागू 25 फीसदी टैरिफ ने इंडस्ट्री को दबाव में डाला हुआ था,लेकिन अब अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क ने भारत के लिए अमेरिकी बाजार को लगभग बंद कर दिया है.
40 देशों में नए अवसरों की तलाश
भारत सरकार अब लगभग 40 नए बाजारों में अपने टेक्सटाइल और गारमेंट प्रोडक्ट्स का निर्यात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. इन देशों में पारंपरिक और उभरते दोनों तरह के बाजार शामिल हैं,जिनका कुल मिलाकर कपड़ा और परिधान आयात बाजार करीब 590 अरब डॉलर का है. फिलहाल, इस वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी केवल 5-6% है,जबकि इस सेक्टर का वैश्विक आयात 800 अरब डॉलर से अधिक है.
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48 अरब डॉलर तक के नुकसान की आशंका
भारत सरकार और निर्यातकों को आशंका है कि अमेरिकी टैरिफ के कारण भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को 48 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है. यह चिंता ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाती है, जब भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर का कुल आकार 2024-25 में 179 अरब डॉलर आंका गया है, जिसमें से 37 अरब डॉलर का हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है.
सरकार ने एकतरफा और अनुचित बताया अमेरिकी फैसला
भारत ने अमेरिका के इस टैरिफ फैसले को एकतरफा और अनुचित करार दिया है और इसके असर को कम करने के लिए तुरंत वैकल्पिक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. भारत का उद्देश्य न केवल नुकसान की भरपाई करना है, बल्कि नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों की हिस्सेदारी को भी बढ़ाना है.

