India and Brazil Together: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अचानक लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने आपसी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने मिलकर एक साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया।
टैरिफ पर गरमागरम संवाद
ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा ने अमेरिकी टैरिफ के बाद प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर गहराई से विचार-विमर्श किया।
BRICS में सामूहिक रुख तैयार
लुला ने अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा टैरिफ्स को मजबूत तरीके से आलोचना करते हुए बताया कि वे BRICS राष्ट्रों के साथ मिलकर जवाब की रणनीति बनाएंगे। लूला ने मोदी के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए 2026 की शुरुआत में भारत आने की योजना की पुष्टि की। इसके तहत BRICS गठबंधन के बीच सहयोग और गहरा करने की उम्मीद है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर एकमत
दोनों नेताओं ने वैश्विक दक्षिण राष्ट्रों के शिक्षाप्रद सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर सामूहिक तालमेल की बात कही। दोनों नेताओं ने इस स्थिति से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने और बहुपक्षीय मंचों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। ब्राजील और भारत दोनों ही कृषि, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के बड़े निर्यातक हैं, जिन पर अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर पड़ सकता है
संभावित रणनीतिक एडजस्टमेंट
अमेरिका के टैरिफ दबाव के बीच भारत दूसरे वैश्विक साझेदारों विशेषकर ब्राजील और चीन की ओर रुख कर सकता है। मोदी की आगामी चीन यात्रा इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। मोदी और लूला का मानना है कि इस तरह के अचानक उठाए गए कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नियमों के खिलाफ हैं और इससे दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भी इस मुद्दे को उठाने की संभावना जताई।
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