होम = देश = ‘धर्म के नाम पर ढोंग?’ ममता कुलकर्णी का बड़ा हमला, संत समाज से लेकर फिल्मी दुनिया और सियासत तक सब पर सवाल!

‘धर्म के नाम पर ढोंग?’ ममता कुलकर्णी का बड़ा हमला, संत समाज से लेकर फिल्मी दुनिया और सियासत तक सब पर सवाल!

Mamta Kulkarni On Shankaracharya Controversy: पूर्व अभिनेत्री से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर अपने बेबाक और तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने धर्म, संत समाज और राजनीति से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनके बयान इतने सीधे और तीखे थे कि संत समाज से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई।

राजा हो या साधु कानून सबके लिए बराबर

ममता कुलकर्णी ने सबसे पहले खुद को शंकराचार्य बताने वाले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आखिर उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया और इतनी बड़ी भीड़ के साथ रथ यात्रा निकालने की जरूरत क्या थी। ममता ने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन की वजह से उनके शिष्यों को मारपीट झेलनी पड़ी। उन्होंने साफ कहा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह राजा हो या साधु, और अहंकार किसी को शोभा नहीं देता।

संत समाज पर सीधा हमला बोलते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा कि “दस में से नौ महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं” और उन्हें वास्तविक ज्ञान का अभाव है। उन्होंने दावा किया कि उनके गुरुवर नाथ संप्रदाय से थे और एक सच्चे तपस्वी संत थे, जिनसे उन्हें आध्यात्मिक शिक्षा मिली। ममता ने यह भी कहा कि धर्म का उपयोग राजनीति के लिए करना सबसे बड़ा अपराध है। अपने वेद ज्ञान का जिक्र करते हुए ममता कुलकर्णी ने ऋग्वेद के ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का उदाहरण दिया और कहा कि शास्त्रों में स्पष्ट रूप से धर्म और सत्ता को अलग रखने की बात कही गई है। उन्होंने दो टूक कहा कि धर्म को सत्ता का औजार नहीं बनाना चाहिए।

राहुल गांधी से अधिक सक्षम हैं प्रियंका गांधी!

राजनीति पर टिप्पणी करते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कोई मजबूत विकल्प उन्हें नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में प्रियंका गांधी, राहुल गांधी से अधिक सक्षम हैं। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि BJP ने पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन अंततः “महाकाली की शक्ति” के कारण ममता बनर्जी की जीत हुई। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए ममता कुलकर्णी ने कहा कि अगर वे वास्तव में गंभीर हैं तो क्या गोहत्या रोकने का ठोस वचन दे सकते हैं। उन्होंने यह सवाल जनता के सामने रखते हुए कहा कि सिर्फ बयान नहीं, ठोस आश्वासन जरूरी है।

फिल्मी दुनिया में वापसी नहीं

बॉलीवुड को लेकर ममता कुलकर्णी ने साफ कर दिया कि वह इस जन्म में फिल्मी दुनिया में वापसी नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह महामंडलेश्वर पद से मुक्त होना चाहती हैं और पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन में ही आगे बढ़ना उनका लक्ष्य है। अंत में उन्होंने ममता बनर्जी को सलाह दी कि किसी भी मुद्दे पर अत्यधिक कठोर रुख अपनाने से बचना चाहिए।

ममता कुलकर्णी के इन बयानों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह चुप रहने वालों में नहीं हैं चाहे मामला धर्म का हो, राजनीति का या समाज का, उनकी बात सीधी और बिना लाग-लपेट के होती है।

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