Guwahati : गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में एक दिल दहला देने वाली घटना ने अस्पताल और पूरे शहर को झकझोर दिया। सोमवार सुबह, गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती एक 15-दिन का नवजात बच्चा फोटोथेरेपी बेड से गिर गया और इलाज के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
डॉ. अच्युत चंद्र बैश्य ने की पुष्टि
नूनमाटी निवासी स्मिता डेका की 15-दिन की बेटी का पीलिया का इलाज चल रहा था। GMCH के प्राचार्य डॉ. अच्युत चंद्र बैश्य ने पुष्टि की कि सुबह-सुबह जांच के दौरान, स्टाफ ने देखा कि दो शिशुओं में से एक बेड से गिरकर फर्श पर लटका हुआ था, जबकि दूसरा बेड से गिर गया था। लटकी हुई बच्ची को तुरंत बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और GMCH के प्राचार्य डॉ. अच्युत चंद्र बैश्य ने इसे दुर्घटना करार दिया और तत्काल जांच का आदेश दिया। इस मामले में दो जांच समितियां गठित की गई हैं। एक अस्पताल की आंतरिक और दूसरी कॉलेज/सरकारी स्तर पर।
मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने घटना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस आयुक्त को CCTV फुटेज की जांच का निर्देश दिया है। साथ ही, उन्होंने मृतक शिशु के परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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परिवार की प्रतिक्रिया
नवजात के माता-पिता (स्मिता डेका और उत्तराल बर्दोलोई) दुख और आक्रोश में हैं। पिता ने बताया कि उनकी बच्ची ठीक थी और रविवार दोपहर तक सामान्य लक्षण दिखा रही थी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की शिकायत की है और पारदर्शी पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने FIR दर्ज कराने की भी बात कही है।
NICU का हाल और अधिभार
GMCH प्रशासन ने बताया कि NICU में अत्यधिक भीड़भाड़ की स्थिति पहले से देखी जा रही थी। कई बार एक बेड में दो-तीन बच्चों को रखा जाता है, क्योंकि अस्पताल में अधिक मरीज आते रहते हैं। इस घटना के पीछे इसी अधिभार और उचित व्यवस्था की कमी का हाथ हो सकता है। हालांकि, प्राचार्य ने कहा कि इस तरह की कोई घटना पहले कभी नहीं हुई है।

