GST Rate Cut : 56वीं GST Council की बैठक 3 और 4 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में होने जा रही है। इस बैठक में प्रस्तावित ‘द्वी-स्तरीय GST संरचना’ को अंतिम रूप देने पर विशेष ध्यान देने की संभावना है। सरकार का प्लान दिवाली पर जीएसटी रिफॉर्म लागू करना है और टैक्स रेट में बड़ी कटौती करना है।
प्रस्तावित GST स्लैब में बदलाव
सरकार संभावना पर विचार कर रही है कि GST स्लैब को चार से दो मुख्य दरों तक सीमित किया जाए। विशिष्ट उपभोक्ता व रोजमर्रा की वस्तुओं पर 5%, अधिकांश सामान्य वस्तुओं व सेवाओं पर 18% और सामान के लिए विशेषकर धूम्रपान उत्पादों, लक्ज़री वस्तुओं या ‘ग्रामीण वस्तुओं’ पर 40% की ‘सिन टैक्स’ लागू की जा सकती है।
कारों पर प्रभाव और कितनी कमी संभव?
छोटी कारें (जैसे Maruti Wagon-R, Dzire आदि) जिन पर वर्तमान में लगभग 28% GST लागू होती है, उस पर नया प्रस्तावित स्लैब 18% होगा। इससे कीमत में ₹1.4 लाख तक की बचत हो सकती है और EMI में भी लगभग ₹2,000 तक की कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है ।
दूसरी ओर, सेडान और SUV जैसी बड़ी या लक्ज़री वाहन जहां अभी 28% GST + 22% सेस, यानी कुल लगभग 50% तक टैक्स लगता है, उस पर कटौती की संभावना है। नया प्रस्तावित स्लैब है 40%, यानी कुल टैक्स में कुछ कमी हो सकती है। हालांकि कुछ राज्यों ने इस पर अतिरिक्त सेस लगाने का सुझाव भी दिया है।
कार 1.40 लाख सस्ती हो सकती है
एक रिपोर्ट में कहा है कि इसका सीधा परिणाम ये होगा कि कार की कीमतें 1.4 लाख रुपये तक कम हो सकती हैं और मासिक किस्तें 2,000 रुपये से अधिक कम हो सकती हैं। मान लीजिए आप मारुति वैगन-R खरीदने की योजना बना रहे हैं. इसकी मौजूदा ऑन-रोड कीमत ₹7.48 लाख घटकर ₹6.84 लाख हो सकती है. वहीं मंथली EMI ₹1,047 कम हो सकती है. ब्रेजा या हुंडई क्रेटा जैसे मॉडल की कीमतों में भी मामूली कटौती और कम मासिक बचत देखने को मिलेगी, क्योंकि ये अभी ये हाई GST बैकेट में शामिल है।
अन्य प्रभाव और चर्चाएं
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यह राजस्व-कटौती संभावित तौर पर सरकार और कुछ राज्यों के लिए राजस्व पर दबाव डाल सकती है। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र को 5% जीएसटी की छूट बरकरार रखने की बात कही जा रही है। लेकिन यदि अंदरूनी रेगुलेशन में बदलाव हुआ, तो ICE (Internal Combustion Engine) वाले छोटे वाहनों को भी सिर्फ 18% जीएसटी मिलने से EV की तुलना में कीमत के लिहाज से प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हो सकती है, जिससे EV लोकप्रियता पर असर पड़ सकता है।

