GST council meeting : सरकार ने सितंबर महीने में जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक में बड़ा निर्णय लेने की योजना बनाई है. इसमें 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को हटाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, और इसके स्थान पर केवल दो स्लैब – 5% और 18% को लागू करने पर विचार किया जाएगा. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य और जीवन बीमा जैसे आवश्यक सेवाओं को सस्ता बनाना और आम लोगों के दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर करों को घटाना है.
होने वाले प्रमुख बदलाव
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी काउंसिल की बैठक में न केवल स्लैब में समायोजन पर चर्चा होगी, बल्कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा की दरों को युक्तिसंगत बनाने और जरूरी वस्तुओं पर टैक्स स्लैब में बदलाव करने पर भी विचार होगा.
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में जीएसटी सिस्टम में बड़े बदलाव की योजना की घोषणा की.उन्होंने कहा कि आगामी जीएसटी सुधार दिवाली तक लागू होंगे, जिससे टैक्स का बोझ कम होगा और छोटे उद्योगों को फायदा मिलेगा.
वित्त मंत्रालय का बयान
पीएम मोदी के बयान के बाद, वित्त मंत्रालय ने भी इस बदलाव को लेकर अपनी ओर से पुष्टि की.मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी काउंसिल अपनी अगली बैठक में जीओएम (गणराज्य मंत्रियों का समूह) की सिफारिशों पर विचार करेगी और उन्हें जल्द से जल्द लागू करने का प्रयास करेगी.
जीएसटी संरचना में सुधार
जीएसटी की मौजूदा चार-स्तरीय संरचना में, आवश्यक वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया है या उन्हें निचले स्लैब में रखा गया है, जबकि विलासिता और नुकसानदेह वस्तुओं पर उच्चतम दर लागू है. इस प्रणाली में क्षतिपूर्ति उपकर भी लागू है, जो 31 मार्च, 2026 तक खत्म होने जा रहा है. इसके समाप्त होने के बाद, जीएसटी संरचना में सुधार की संभावनाएं बढ़ जाएंगी.
राज्य सरकारों से सहमति
वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी सुधारों को लागू करने के लिए आने वाले हफ्तों में राज्यों के साथ व्यापक सहमति बनाई जाएगी.बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जो जीओएम के संयोजक हैं, ने भी इस बदलाव के पक्ष में अपनी सहमति दी है.

