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पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार मामले में दोषी करार, 2 अगस्त को आएगा फैसला

by | Aug 1, 2025 | देश

Prajwal Revanna rape case : बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को यौन शोषण और बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व जेडी(एस) नेता को कर्नाटक के हासन जिले के होलेनरसिपुरा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज पहले बलात्कार मामले में दोषी ठहराया गया। बता दें कि विशेष अदालत ने 18 जुलाई को बलात्कार मामले की सुनवाई पूरी कर ली थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसके बाद अब सजा का ऐलान शनिवार 2 अगस्त को होगा।

चार आपराधिक मामलों में मुख्य आरोपी

रेवन्ना पिछले साल दर्ज किए गए चार आपराधिक मामलों में मुख्य आरोपी हैं, जब 2,000 से अधिक अश्लील वीडियो क्लिप, जिनमें कथित तौर पर कई महिलाओं के यौन शोषण को दर्शाया गया था, सोशल मीडिया पर सामने आए थे। पहली शिकायत अप्रैल 2024 में एक महिला ने दर्ज कराई थी, जो उनके परिवार के फार्महाउस में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी। उसने रेवन्ना पर 2021 से बार-बार बलात्कार करने और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर दुर्व्यवहार के वीडियो जारी करने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

इन धाराओं के तहत लगाए गए हैं आरोप

  • IPC की धारा 376 (2) (K) – प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा बलात्कार: इस धारा में न्यूनतम 10 साल की सजा और अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान है।
  • IPC की धारा 376 (2) (N) – एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार: इस अपराध में न्यूनतम 10 साल की सजा, जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकता है, का प्रावधान है।
  • IPC की धारा 354A – यौन उत्पीड़न: इसमें शारीरिक संपर्क, अवांछित यौन प्रस्ताव या सहमति के बिना पोर्नोग्राफी दिखाना शामिल है। इस अपराध में 3 साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • IPC की धारा 354B – महिला को निर्वस्त्र करने की मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग: इसमें 3 से 7 साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
  • IPC की धारा 354C – महिला की सहमति के बिना उसकी निजी हरकत को देखना या उसकी तस्वीरें लेना: पहली बार अपराध करने पर 1 से 3 साल की सजा, जुर्माना और बाद के अपराधों में 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।
  • IPC की धारा 506 – धमकी देना: इसमें किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने पर 2 साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • IPC की धारा 201 – सबूतों को नष्ट करना: किसी अपराधी को बचाने के लिए सबूतों को गायब करना या गलत जानकारी देना। इसमें 7 साल तक की सजा हो सकती है।
  • IT एक्ट, 2008 की धारा 66E – निजी अंगों की तस्वीरें खींचना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना: इसमें किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका निजता उल्लंघन करना। इसमें 3 साल तक की सजा, 2 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

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क्या है मामला

28 अप्रैल से 10 जून 2024 के बीच प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कुल चार एफआईआर होलेनरसीपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज की गईं। इसके अलावा बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दो मामले और सीआईडी के तहत बेंगलुरु में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक अन्य मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा, केआर नगर पुलिस स्टेशन में प्रज्वल के पिता, होलेनरसीपुरा के विधायक एच.डी. रेवन्ना और अन्य के खिलाफ एक अलग मामला दर्ज किया गया है। इन सभी मामलों को सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दिया गया है, जो मामले की आगे की जांच कर रहा है।

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