Floods In India: पिछले कुछ दिनों की जोरदार मानसून बारिश और नदियों का लगातार उफान यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में सीमाओं पर स्थिति विकट हो गई है। ये मैदान और पहाड़ दोनों इस बार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
गंगा, यमुना और कोसी सहित 20 नदियां खतरे के पार
गंगा, यमुना, घाघरा, कोसी और बूढ़ी गंडक जैसी नदियां लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। Uttar Pradesh में 84,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 11,000 लोग राहत शिविरों में शाहन कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, कानपुर, लखीमपुर-खीरी, गाजीपुर जैसे कई जिलों में पानी आए रहने से कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई लोगों के घरों तक बाढ़ पानी पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन बाधित हो गया है।
राहत अभियानों में जुटी NDRF और SDRF टीमें
उत्तर प्रदेश में 11,000 से ज्यादा लोग 900 से अधिक राहत शिविरों में पहुंचे हैं। मध्य प्रदेश में लगभग 2,900 लोगों को बचाया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सहित सरकारी टीमें बचाव और राहत कार्य में लगी हुई हैं। 1.20 लाख राशन पैकेट और 39 सामुदायिक रसोईयां चालू हैं।
हिमाचल प्रदेश में सड़कें टूटी, बिजली आपूर्ति दुष्कर
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से 300 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं। मण्डी, कुल्ली से जिलों में भारी नुकसान हुआ है , स्कूल बंद किए गए और कई क्षेत्रों में बिजली तथा पानी की आपूर्ति बाधित हुई है।
बिहार में CM की समीक्षा
बिहार की नदियों जैसे गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक लहद के खतरे में बह रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग को सजग रहने और राहत कार्य को 24×7 बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राज्य में कृषि प्रभावित हुआ है, लेकिन खरीफ की फसल में वृद्धि भी देखने को मिली है। मध्य प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचा दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि बारिश की वजह से 252 लोग मारे गए, और 432 जानवर भी मारे गए। कई जिलों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हुई।
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