Election Commission PC : चुनाव आयोग (EC) ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को नकारा. चीफ इलेक्शन कमिश्नर, ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोग के लिए न कोई पक्ष है और न विपक्ष, सभी राजनीतिक दल समान हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों को चुनावी प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार है और आयोग ने कभी भी किसी एक दल के पक्ष में कार्य नहीं किया.
चुनाव आयोग ने क्या कहा
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव आयोग के दरवाजे किसी भी शिकायत के लिए हमेशा खुले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि “वोट चोरी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल पूरी तरह से गलत है, और ऐसे मामलों में अदालत में याचिका दायर की जानी चाहिए थी. साथ ही, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मतदाताओं के फोटो, नाम और पहचान का सार्वजनिक रूप से प्रकट किया जाना अनुचित था.
#WATCH | दिल्ली: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “कानून के अनुसार अगर समय रहते मतदाता सूचियों में त्रुटियां साझा न की जाए, अगर मतदाता द्वारा अपने उम्मीदवार को चुनने के 45 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर नहीं की जाए, और फिर वोट चोरी जैसे गलत… pic.twitter.com/G0IEyAxd3Q
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 17, 2025
चुनाव आयोग का दरवाजा सभी के लिए समान रूप से खुला है
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि चुनाव आयोग का दरवाजा सभी के लिए समान रूप से खुला है. जमीनी स्तर पर सभी मतदाता, राजनीतिक दल और बूथ लेवल अधिकारी मिलकर पूरी पारदर्शिता से काम कर रहे हैं, सत्यापन कर रहे हैं, साइन कर रहे हैं, और वीडियो प्रशंसापत्र भी प्रस्तुत कर रहे हैं.
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके द्वारा नामित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) द्वारा सत्यापित दस्तावेज़ और प्रशंसापत्र या तो राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर नेताओं तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, या फिर जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करते हुए भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.
मतदाताओं की ईमानदारी पर कोई सवाल उठाया नहीं जा सकता
ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग और बिहार के सात करोड़ से अधिक मतदाता पूरी प्रतिबद्धता, प्रयास और कड़ी मेहनत से चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं. जब बिहार के मतदाता चुनाव आयोग के साथ खड़े हैं, तो न तो आयोग की विश्वसनीयता पर और न ही मतदाताओं की ईमानदारी पर कोई सवाल उठाया जा सकता है.
राहुल गांधी ने आयोग पर लगाए थे वोट चोरी के आरोप
राहुल गांधी ने 7 अगस्त को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वोट चोरी हो रहे हैं और इसके पीछे आयोग का हाथ है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास सबूत हैं जो यह साबित करते हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में चुनावी गड़बड़ियों में शामिल है. राहुल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 22 पेज का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक की वोटर लिस्ट में कथित संदिग्ध वोटरों का उल्लेख किया.
राहुल गांधी ने कहा कि मुझे महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों के बाद यह यकीन हो गया कि चुनाव चोरी हुए हैं. यह मॉडल पूरे देश में लागू किया गया है,जिसमें वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई है और मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट का मुद्दा उठाया.चुनाव आयोग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट की तैयार करने की प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी रहती है और बूथ लेवल एजेंट्स को समय रहते आपत्तियां दर्ज करने का अवसर मिलता है. आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट पर सवाल उठाना सही नहीं है, क्योंकि सभी दलों को इसमें पूर्ण रूप से भाग लेने का मौका मिलता है.

