होम = Cover Story Top = उज्ज्वला योजना लाभार्थी को 45 दिन तक इंतजार! एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं, सरकार ने खबरों को बताया पूरी तरह फर्जी

उज्ज्वला योजना लाभार्थी को 45 दिन तक इंतजार! एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियमों में कोई बदलाव नहीं, सरकार ने खबरों को बताया पूरी तरह फर्जी

LPG Gas Booking New Rules: घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। Indian Oil Corporation (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन) समेत तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में संशोधन किया है। इन नए नियमों का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना और सप्लाई को अधिक व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।

अब इतने दिन बाद ही कर पाएंगे बुकिंग

नए नियमों के तहत अब सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर बढ़ा दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा इंतजार करना होगा।

• एक सिलेंडर कनेक्शन: अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार
• दो सिलेंडर (डबल कनेक्शन): अब 35 दिन बाद ही बुकिंग संभव
• प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थी: उन्हें 45 दिन तक इंतजार करना होगा

अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे स्वतः अस्वीकार कर देगा।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी बदले नियम

सिर्फ बड़े सिलेंडर ही नहीं, छोटे LPG सिलेंडरों के लिए भी नई समय-सीमा तय की गई है।

• 5 किलो सिलेंडर: 9 से 16 दिन का अंतर जरूरी
• 10 किलो सिलेंडर: 18 से 32 दिन का अंतर अनिवार्य

खास बात यह है कि यह समय पिछली बुकिंग की तारीख से नहीं, बल्कि डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा।

क्यों लिया गया ये फैसला?

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे कई बड़े कारण हैं।

• गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना
• सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाना
• सही समय पर जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाना

क्या होगा असर?

नए नियम खासतौर पर शहरों में रहने वाले डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले परिवारों को ज्यादा प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें अब ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि शुरुआत में यह बदलाव असुविधाजनक लग सकता है, लेकिन लंबे समय में इससे गैस वितरण में पारदर्शिता और संतुलन आएगा। अब सबसे जरूरी है कि उपभोक्ता नए नियमों को समझें और उसी के अनुसार अपनी गैस बुकिंग की योजना बनाएं, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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