Central government Decision : ऑनलाइन गेमिंग पर बढ़ते विवाद और युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सट्टेबाजी और जुआ से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि देश में किसी भी तरह के बेटिंग और सट्टेबाजी से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अनुमति नहीं दी जाएगी।
केंद्र सरकार ने लिया फैसला
पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स के कारण युवाओं में आर्थिक और मानसिक नुकसान के कई मामले सामने आए हैं। कई राज्यों की सरकारों ने भी केंद्र से सख्त कदम उठाने की मांग की थी। इसके बाद केंद्र ने फैसला लिया है कि ऐसे ऐप्स को तुरंत प्रतिबंधित किया जाएगा और जो ऐप्स नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें की गेम के आदि हो गए बच्चे अपनी जान तक गवां रहे है।
जुआ और सट्टेबाजी पर लगेगी लगाम
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, गेमिंग और बेटिंग ऐप्स पर निगरानी रखने के लिए एक विशेष तंत्र तैयार किया जा रहा है, जिससे किसी भी अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। साथ ही, बच्चों और युवाओं को सुरक्षित ऑनलाइन गेमिंग का माहौल देने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने में कोई रोक नहीं है, लेकिन जब बात जुआ और सट्टेबाजी की आती है तो सख्ती बरती जाएगी। ऐसे ऐप्स न केवल युवाओं की पढ़ाई और भविष्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर डालते हैं।
ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सही समय पर लिया गया है। “बेटिंग ऐप्स ने युवाओं को लत में धकेल दिया था। अब सरकार का यह कदम समाज और नई पीढ़ी के लिए राहत की खबर है,”। फिलहाल केंद्र ने राज्यों से भी सहयोग की अपील की है और कहा है कि वे अपने स्तर पर ऐसे ऐप्स की पहचान कर उन्हें बैन करने की प्रक्रिया को तेज करें। आने वाले दिनों में इस फैसले से ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
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