Elections 2026: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबला अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। जहां एक ओर तमिलनाडु में आज चुनाव प्रचार थमने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भी पहले चरण की वोटिंग से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। रैलियों, रोड शो और आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों राज्यों का राजनीतिक तापमान चरम पर बना हुआ है।
तमिलनाडु: आखिरी दिन का जोर
Tamil Nadu में 23 अप्रैल को मतदान होना है, उससे पहले आज प्रचार का शोर थम जाएगा। राजनीतिक दलों ने अंतिम दिन तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। हर पार्टी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए आखिरी कोशिश कर रही है। यहां मुकाबला पारंपरिक दिग्गज दलों के बीच है, जहां सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिल रहा है। बड़े-बड़े वादों, जनसभाओं और रणनीतिक चालों के बीच अब सबकी नजर मतदान पर टिकी है। माना जा रहा है कि इस बार हर एक वोट बेहद अहम साबित हो सकता है।
पश्चिम बंगाल: आक्रामक प्रचार
वहीं पश्चिम बंगाल में भी चुनावी माहौल बेहद गरमाया हुआ है। पहले चरण के मतदान से पहले प्रचार आज थम जाएगा, लेकिन मुकाबला लगातार और तीखा होता जा रहा है। BJP ने राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय नेताओं की ताबड़तोड़ रैलियां, आक्रामक बयानबाजी और जमीनी स्तर पर तेज सक्रियता ने चुनावी रण को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
दूसरी ओर अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस भी पूरी मजबूती के साथ मैदान में डटी हुई है। पार्टी अपने वोट बैंक को बचाने और बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस मुकाबले में सिर्फ सरकार बनाने की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की बड़ी जंग भी शामिल है।
अब जनता के फैसले का इंतजार
दोनों राज्यों में चुनावी शोर भले ही थमने वाला हो, लेकिन असली परीक्षा अब मतदान के दिन होगी। 23 अप्रैल को मतदाता अपने वोट से नेताओं की किस्मत तय करेंगे, जबकि 4 मई को मतगणना के बाद साफ होगा कि किसकी रणनीति सफल रही और किसकी सियासी जमीन खिसक गई।
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