Swami Chaitanyananda Saraswati: देश की राजधानी दिल्ली में मैनेजमेंट संस्थान में छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार शाम से वह होटल में रुका था। बता दें कि दिल्ली पुलिस शनिवार रात तीन बजे ताजगंज क्षेत्र में फतेहाबाद रोड स्थित होटल फर्स्ट में पहुंची थी।
खुद को आध्यात्मिक गुरू बताने वाले इस बाबा ने अपनी पहचान छिपाने और लोगों को गुमराह करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के फर्जी आई-कार्ड और विजिटिंग कार्ड बनवा रखे थे। आगरा में गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होने की कोशिश करते बाबा का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद
पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं । पहले कार्ड में ये ढोंगी बाबा खुद को संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का स्थायी राजदूत यानी ‘Permanent Ambassador’ बताता था। यह कार्ड बेहद प्रोफेशनल तरीके से बनाया गया था ताकि कोई भी आसानी से धोखे में आ जाए।
दूसरे फर्जी कार्ड में चैतन्यानंद ने खुद को ब्रिक्स (BRICS) देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का ‘Special Envoy’ बताया हुआ था। इस कार्ड का इस्तेमाल वह अपने प्रभाव और पहुंच दिखाने के लिए करता था।
फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज जब्त
दिल्ली पुलिस ने बताया कि बाबा की इन क्रियों को लेकर पहले से ही कई शिकायते मिली थीं। लेकिन बाबा ने इन्हें झूठे दावे कर लोगों से विश्वास जीतने और लाभ लेने का आरोप लगाया गया था। फिलहाल पुलिस ने फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि वसंतकुंज इलाके में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की एक-एक करतूत सामने आ रही है। साल 2016 में एफआईआर करवाने वाली छात्रा ने प्राथमिकी में कहा था कि उसने संस्थान में आठ महीने बिताए, वो मेरी जिंदगी का सबसे खराब दौर था। उसके बाद उसने वहां पढ़ाई छोड़ दी थी।
संस्थान ज्वॉइन करते ही बाबा की हरकतें शुरू हो गई थीं। वह मुझे अश्लील मैसेज भेजने लगा था। आरोपी स्वामी उसे स्वीट गर्ल बुलाने लगा। प्राथमिकी में कहा गया कि आरोपी शाम को 6.30 बजे क्लास खत्म होने के बाद उसे अपने ऑफिस में बुलाता और परेशान करता।

